ED का इलाज DLF फ़ेज़ 2 दवा, काउंसलिंग और जीवनशैली — आयुर्वेद + एलोपैथी
लिंग में तनाव न आना, बीच में ढीला पड़ जाना या सुबह का इरेक्शन बंद हो जाना — यह स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction) के संकेत हैं, और ज़्यादातर पुरुषों में यह इलाज से ठीक होता है। DLF फ़ेज़ 2 से अनुभवी सेक्सोलॉजिस्ट से गोपनीय सलाह लें।
🏥 DLF फ़ेज़ 2 से गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक लगभग 2 किमी है — क्लिनिक आकर डॉक्टर से मिलें। आने में असमर्थ हों, तो घर बैठे ऑनलाइन परामर्श लें।
- परामर्श ₹800
- MBBS, MD सेक्सोलॉजिस्ट
- पूरी तरह गोपनीय परामर्श
सर, उम्र 45 है, शुगर भी है, और इरेक्शन कमज़ोर हो गया है।
शुगर से नसें प्रभावित होती हैं। शुगर कंट्रोल के साथ सही दवा से अच्छा सुधार होता है।
जी, मैं DLF फ़ेज़ 2 से हूँ — अपॉइंटमेंट मिल जाएगा?
सीधा जवाब: DLF फ़ेज़ 2 में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) का इलाज कहाँ और कैसे?
लोग इसे ‘ling me tanav na aana’ या ‘इरेक्शन की कमज़ोरी’ के नाम से भी खोजते हैं। सही इलाज = सही वजह। DLF फ़ेज़ 2 के पुरुषों के लिए डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक में ज़रूरी जाँच, डॉक्टर की पर्ची से सुरक्षित दवा, काउंसलिंग और आयुर्वेदिक सहायता — एक ही जगह। नज़दीकी: गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक। पहली सलाह: क्लिनिक आकर आमने-सामने परामर्श लें — आने में असमर्थ हों, तो वीडियो/फ़ोन पर ऑनलाइन परामर्श।
जाँच: डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD) · अपडेट: 27 अक्टूबर 2026
स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction) — आसान भाषा में
जब सेक्स के लिए लिंग में पर्याप्त तनाव (इरेक्शन) न आए, या आए पर संबंध पूरा होने तक टिके नहीं — और ऐसा बार-बार, कई हफ़्तों तक हो — तो इसे इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED) या स्तंभन दोष कहते हैं।


इरेक्शन कैसे होता है?
इरेक्शन असल में ‘ख़ून के बहाव’ का खेल है — इसलिए ED को अक्सर दिल और नसों की सेहत का आईना कहा जाता है। 40 के बाद ED हो, तो शुगर और BP की जाँच ज़रूर करवाएँ।
भारत में ED कितना आम है?
ED अब सिर्फ़ उम्र का मामला नहीं रहा। दफ़्तर में घंटों बैठे रहना, धूम्रपान, पेट की चर्बी, अधूरी नींद और रोज़ का तनाव — इन्हीं आदतों से 20 और 30 की उम्र के पुरुषों में भी लिंग में तनाव की कमी आम हो रही है। अच्छी बात यह है कि इसी वजह से कई मामलों में आदतें बदलने भर से भी सुधार आता है।
ED के 4 रूप
हल्का (Mild)
ज़्यादातर बार इरेक्शन ठीक, पर कभी-कभी कमज़ोर — अक्सर तनाव, थकान या नींद की कमी।
मध्यम (Moderate)
आधे मौक़ों पर तनाव नहीं आता या टिकता नहीं — जाँच और इलाज ज़रूरी।
गंभीर (Severe)
लगभग कभी पर्याप्त तनाव नहीं — शुगर, नसों या हार्मोन की बड़ी वजह हो सकती है।
स्थिति-विशेष (Situational)
अकेले/सुबह ठीक, पर पार्टनर के साथ नहीं — ज़्यादातर मन से जुड़ा, काउंसलिंग से सुधार।
वजह जानें, तभी सही इलाज
40 के बाद ED में अक्सर शुगर, BP या कोलेस्ट्रॉल छुपे होते हैं; युवाओं में ज़्यादातर तनाव, डर और जीवनशैली। दोनों का इलाज अलग है।
लिंग की धमनियाँ सिर्फ़ 1–2 मिलीमीटर चौड़ी होती हैं, इसलिए नलियों में चर्बी जमने (atherosclerosis) का असर दिल की बड़ी धमनियों से पहले यहीं दिखता है। यही कारण है कि ED अक्सर हार्ट अटैक या स्ट्रोक से 2–5 साल पहले शुरू हो जाता है। 40 की उम्र में नया ED हो, तो सिर्फ़ गोली नहीं — दिल और डायबिटीज़ की जाँच भी ज़रूरी है।
- नलियों की बीमारी (सबसे आम)हाई BP, कोलेस्ट्रॉल, शुगर और धूम्रपान से लिंग की पतली धमनियों में रुकावट — ED की सबसे बड़ी वजह।
- डायबिटीज़शुगर नलियों और इरेक्शन की नसों, दोनों को नुक़सान पहुँचाती है; अच्छा शुगर कंट्रोल इसे धीमा या कुछ हद तक ठीक कर सकता है। डायबिटीज़ का इलाज →
- हार्मोनकम टेस्टोस्टेरोन से इच्छा घटती है; थायरॉइड और बढ़ा प्रोलैक्टिन भी असर डालते हैं। लो टेस्टोस्टेरोन की जानकारी →
- मोटापा और बैठे रहनापेट की चर्बी टेस्टोस्टेरोन घटाती है और नलियाँ बिगाड़ती है; कम फ़िटनेस अपने आप में ED का जोखिम है।
- लंबी साइकिलिंगसख़्त सीट पर घंटों साइकिल चलाने से कुछ लोगों में पेल्विक नसें और नलियाँ दबती हैं।
- शराब और सिगरेटसिगरेट नलियों की अंदरूनी परत को सीधे नुक़सान पहुँचाती है; रोज़ ज़्यादा शराब टेस्टोस्टेरोन घटाती है और नसें कमज़ोर करती है।
- जिम के स्टेरॉयडबॉडी बनाने के लिए लिए गए एनाबॉलिक स्टेरॉयड अंडकोष का काम ठप कर देते हैं — युवाओं में ED की बड़ी वजह।
- रिश्ते की उलझनअनसुलझे झगड़े, बातचीत की कमी या नज़दीकी की कमी भी असर डालती है।
- परफ़ॉर्मेंस का डरएक बार नाकाम होने पर अगली बार का डर — और यही डर उस आराम को रोकता है जो इरेक्शन के लिए ज़रूरी है। यह चक्र असली वजह ख़त्म होने के बाद भी चलता रहता है।
- तनाव और डिप्रेशनकाम का दबाव, पैसों की चिंता और उदासी इच्छा व इरेक्शन दोनों घटाते हैं; डिप्रेशन और ED एक-दूसरे को बढ़ाते हैं।

ED मन से है या शरीर से? ऐसे पहचानें
ख़ासकर युवाओं में मन की भूमिका बड़ी होती है, जबकि 40 के बाद ज़्यादातर शरीर की।
🧠 मन से जुड़े होने के संकेत
- अचानक शुरुआत
- सुबह या हस्तमैथुन के समय इरेक्शन सामान्य
- सिर्फ़ ख़ास हालात या किसी एक पार्टनर के साथ दिक़्क़त
- साफ़ तनाव वाली कोई घटना से शुरुआत
🩺 शरीर से जुड़े होने के संकेत
- महीनों-सालों में धीरे-धीरे शुरुआत
- सुबह का इरेक्शन कम या बंद
- हर हालात में दिक़्क़त
- डायबिटीज़, हाई BP या धूम्रपान का इतिहास
यह सिर्फ़ एक अंदाज़ा है, पक्की पहचान नहीं। ज़्यादातर मामलों में शरीर और मन दोनों की वजहें साथ होती हैं, और इलाज भी दोनों का साथ चलता है।
DLF फ़ेज़ 2 और आसपास से गोपनीय इलाज
साइबर सिटी के बगल वाला DLF फ़ेज़ 2 IT कंपनियों और कामकाजी लोगों से भरा है।
लंबे घंटे, देर तक स्क्रीन, नींद की कमी और कम चलना-फिरना — कामकाजी पुरुषों में ED की ये छुपी वजहें हैं। शाम का अपॉइंटमेंट लें, ताकि काम पर असर न पड़े।
DLF फ़ेज़ 2 या साइबर सिटी, एंबिएंस — कहीं से भी गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक पहुँचना आसान है; आने में असमर्थ हों, तो वीडियो पर परामर्श और दवा घर तक।
- साइबर सिटी
- एंबिएंस
- NH-48
DLF फ़ेज़ 2 — एक नज़र में
- इलाका
- DLF फ़ेज़ 2 (DLF Phase 2)
- ज़िला
- गुरुग्राम, हरियाणा
- नज़दीकी क्लिनिक
- गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक (~2 किमी)
- मेट्रो/रास्ता
- साइबर सिटी / बेलवेडियर टावर (रैपिड मेट्रो)
- समय
- सोम–शनि 10–8, रविवार अपॉइंटमेंट पर
इनमें से कितनी बातें आप पर लागू हैं?
जो बातें आप पर लागू हों, उन पर टैप करें। यह कोई जाँच नहीं, बस खुद को समझने का तरीका है — जवाब कहीं सेव नहीं होता।
3 या ज़्यादा “हाँ”? झिझक छोड़ें।
डॉक्टर से 15 मिनट की बातचीत और 1–2 जाँच से साफ़ हो जाता है कि वजह शरीर में है, मन में या दोनों में — और उसी हिसाब से इलाज।
DLF फ़ेज़ 2 से ED के सवाल — सीधे जवाब
“पुरुष रोग विशेषज्ञ डॉक्टर Near me — DLF Phase 2”
DLF फ़ेज़ 2 से सबसे पास गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक है (~2 किमी), मेट्रो: साइबर सिटी / बेलवेडियर टावर (रैपिड मेट्रो)। अपॉइंटमेंट लेकर आएँ; आने में असमर्थ हों तो वीडियो परामर्श।
“Ling me tanav na aane ka ilaj — DLF Phase 2”
लिंग में तनाव न आना = ED। DLF फ़ेज़ 2 से इलाज: शुगर-हार्मोन जाँच, डॉक्टर की पर्ची से सुरक्षित दवा, काउंसलिंग और जीवनशैली — परामर्श ₹800।
“ED और शीघ्रपतन में फ़र्क़”
ED में लिंग में तनाव नहीं आता या टिकता नहीं; शीघ्रपतन में वीर्य जल्दी निकल जाता है। कई बार दोनों साथ होते हैं। शीघ्रपतन के इलाज की जानकारी →
“Sexologist in DLF Phase 2”
ED के साथ शीघ्रपतन, धात, नाइटफ़ॉल और महिलाओं की यौन समस्याओं के लिए भी परामर्श उपलब्ध है। DLF साइबर सिटी में सेक्सोलॉजिस्ट →
“स्वप्नदोष से कमज़ोरी आती है?”
नाइटफ़ॉल कभी-कभी होना सामान्य है और इससे ED नहीं होता; बहुत ज़्यादा हो तो सलाह लें। नाइटफ़ॉल के इलाज की जानकारी →
“ED की दवा कौन-सी है?”
दवा आपकी उम्र, दिल, BP और दूसरी दवाएँ देखकर डॉक्टर तय करते हैं। दिल की कुछ दवाओं के साथ ED की दवा ख़तरनाक हो सकती है।
लिंग में तनाव न आने का इलाज — 6 हिस्सों में
हम ‘एक गोली सबके लिए’ नहीं देते। जाँच, दवा, काउंसलिंग और जीवनशैली — आपकी वजह और दिल की सेहत देखकर। कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।
मेडिकल इलाज
- डॉक्टर की पर्ची से दवाज़रूरत हो तो सुरक्षित दवा, सही समय और मात्रा के साथ — दिल की दवा (नाइट्रेट) ले रहे हों तो ये दवाएँ ख़तरनाक हो सकती हैं, इसलिए डॉक्टर ही तय करें।
- जड़ का इलाजशुगर, BP, कोलेस्ट्रॉल, थायरॉइड या टेस्टोस्टेरोन की कमी हो, तो उसका इलाज साथ-साथ — तभी फ़ायदा टिकता है।
- काउंसलिंग‘फिर से नहीं हुआ तो?’ — यही डर समस्या बढ़ाता है। काउंसलर इस चक्र को तोड़ने में मदद करते हैं।
आयुर्वेद और जीवनशैली
- आयुर्वेदिक सहायताअश्वगंधा, शिलाजीत, सफ़ेद मूसली, गोक्षुर — ताक़त और तनाव के लिए, डॉक्टर की सलाह से सही मात्रा में।
- जीवनशैली और व्यायामरोज़ 30 मिनट तेज़ चलना, वज़न घटाना, सिगरेट छोड़ना — इरेक्शन पर सीधा असर।
- पेल्विक फ़्लोर व्यायामकेगेल व्यायाम से लिंग के आधार की मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं और तनाव बेहतर टिकता है।

पहला कदम: आदतें, जो सच में फ़र्क़ डालती हैं
जीवनशैली में बदलाव इलाज की नींव है — इससे कई पुरुषों में अपने आप इरेक्शन सुधरता है, और बाकी हर इलाज बेहतर असर करता है।
- 7–8 घंटे की नींद — तेज़ खर्राटे आते हों तो स्लीप एपनिया की जाँच करवाएँ।
- घर का संतुलित खाना — सब्ज़ियाँ, दाल, मछली, मेवे, सरसों/जैतून का तेल; पैकेट वाला खाना कम।
- शुगर-BP-कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल — दवा समय पर, जाँच नियमित।
- तनाव का इलाज — योग, साँस का अभ्यास और ज़रूरत हो तो काउंसलिंग।
- शराब कम करें — टेस्टोस्टेरोन और नसें, दोनों बचती हैं।
- सिगरेट छोड़ें — कुछ महीनों में ही सुधार शुरू हो सकता है।
- वज़न घटाएँ — सिर्फ़ 5–10% वज़न कम करना भी मदद करता है।
- हफ़्ते में 150 मिनट व्यायाम — तेज़ चलना या साइकिल — शोध में इरेक्शन बेहतर हुआ।
ED की दवा — ज़रूरी सावधानियाँ
डॉक्टर की पर्ची वाली ED दवाएँ (PDE5 इन्हिबिटर) ज़्यादातर पुरुषों — लगभग 60 से 80 प्रतिशत — में काम करती हैं, बशर्ते सही दवा, सही मात्रा और सही समय हो। ख़ुद से लेने से पहले ये बातें जान लें:
- एंजाइना की नाइट्रेट दवा के साथ कभी नहीं — BP ख़तरनाक रूप से गिर सकता है।
- ऑनलाइन या बिना लाइसेंस की दुकानों पर नकली गोलियाँ भारत में असली ख़तरा हैं — सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची और रजिस्टर्ड फ़ार्मेसी से लें।
- टाडालाफ़िल देर तक असर करती है और रोज़ कम डोज़ में भी दी जा सकती है — जो पुरुष प्लानिंग के बिना सहज रहना चाहते हैं, उनके लिए।
- गंभीर दिल की बीमारी, लो BP या आँख की कुछ बीमारियों में सावधानी ज़रूरी।
हार्मोन और काउंसलिंग
टेस्टोस्टेरोन थेरेपी सिर्फ़ उन्हीं पुरुषों के लिए है जिनमें जाँच से कमी पक्की हो — और जो पिता बनना चाहते हैं, उन्हें यह विशेषज्ञ की सलाह के बिना नहीं लेनी चाहिए। लो टेस्टोस्टेरोन के बारे में पढ़ें →
मन से जुड़े ED में काउंसलिंग और सेक्स थेरेपी असरदार है — अक्सर दवा के साथ। कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) परफ़ॉर्मेंस के डर को घटाती है, और रिश्ते की उलझन हो तो कपल काउंसलिंग मदद करती है।

केगेल व्यायाम — घर पर, रोज़ 5 मिनट
पेशाब रोकने वाली मांसपेशी को पहचानें, 5 सेकंड कसें, 5 सेकंड छोड़ें — 10 बार, दिन में 2–3 बार। 4–6 हफ़्तों में तनाव टिकने में फ़र्क़ महसूस होने लगता है।

डॉ. युवराज मोंगा
MBBS, MD · फ़ेलोशिप इन डायबिटीज़ (UK) · सेक्सोलॉजिस्ट व डायबेटोलॉजिस्ट · 28+ साल
ED के ज़्यादातर मामलों में शुगर, BP, थायरॉइड या मोटापा छुपा होता है — और डॉ. युवराज मोंगा सेक्सोलॉजिस्ट होने के साथ डायबिटीज़ में UK फ़ेलोशिप वाले डायबेटोलॉजिस्ट भी हैं। यानी ED और उसकी जड़, दोनों का इलाज एक ही डॉक्टर के पास।
DLF फ़ेज़ 2 और आसपास से आने वाले बहुत से पुरुष डॉ. युवराज मोंगा से पहली बार खुलकर ‘लिंग में तनाव न आने’ की बात कर पाते हैं। उनका तरीका सीधा है — आसान हिंदी, ज़रूरी जाँच, बिना डराए इलाज, और फ़ॉलो-अप।
एक ही जगह पूरी टीम
आयुर्वेदिक डॉक्टरवाजीकरण जड़ी-बूटियाँ
काउंसलरपरफ़ॉर्मेंस का डर, तनाव
एलोपैथिक डॉक्टरजाँच और साक्ष्य-आधारित दवा
आहार विशेषज्ञवज़न, शुगर और खान-पानDLF फ़ेज़ 2 से कब लें ED का परामर्श?
🏥 DLF फ़ेज़ 2 से गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक (~2 किमी) आकर मिलें; आने में असमर्थ हों तो ऑनलाइन परामर्श। अपॉइंटमेंट लें →
ED में कौन-सी जाँच ज़रूरी?
अच्छी जाँच आसान और निजी होती है — ज़्यादातर पुरुषों में बातचीत, BP और 3–4 ब्लड टेस्ट से वजह साफ़ हो जाती है।
बातचीत
समस्या कब से है, कौन-सी दवाएँ लेते हैं, आदतें और रिश्ते की बात — पूरी तरह निजी।
शारीरिक जाँच
BP, वज़न, कमर का नाप, और ज़रूरत हो तो जननांग व प्रोस्टेट की जाँच।
ब्लड टेस्ट
फ़ास्टिंग शुगर या HbA1c, लिपिड प्रोफ़ाइल, सुबह का टेस्टोस्टेरोन, थायरॉइड, कभी-कभी प्रोलैक्टिन।
पेनाइल डॉप्लर
कुछ ही मामलों में — लिंग में ख़ून के बहाव की अल्ट्रासाउंड जाँच।
घर बैठे जाँच — सैंपल घर से
हर किसी को सारे टेस्ट नहीं चाहिए — डॉक्टर बातचीत के बाद ही तय करते हैं। टेस्ट के लिए भी हमारे डॉक्टर से बात करें — टेस्ट की जानकारी और घर से सैंपल कलेक्शन हम उपलब्ध कराते हैं। घबराने की ज़रूरत नहीं; घर बैठे इलाज के लिए संपर्क करें।
- थायरॉइड (TSH) / प्रोलैक्टिनइनकी गड़बड़ी दवा से आसानी से ठीक होती है।
- पेनाइल डॉप्लर (ज़रूरत पर)लिंग की नसों में ख़ून का बहाव — सिर्फ़ चुनिंदा मामलों में।
- ब्लड शुगर (FBS / HbA1c)शुगर पता चल जाए तो ED और दिल, दोनों को बचाया जा सकता है।
- BP की जाँचहाई BP ख़ून के बहाव को कम करता है।
- लिपिड प्रोफ़ाइलकोलेस्ट्रॉल से धमनियों की सेहत का अंदाज़ा।
ED के ये भ्रम सच नहीं हैं
बिना जाँच की गोली से BP गिरना, दिल पर असर जैसे ख़तरे हैं — और असली वजह (जैसे शुगर) छुपी रह जाती है।
सामान्य हस्तमैथुन से ED नहीं होता। अपराध-बोध और डर ज़रूर असर डाल सकते हैं।
वजह ठीक होने पर (जैसे शुगर कंट्रोल, वज़न कम) कई पुरुषों की दवा धीरे-धीरे कम या बंद हो जाती है।
उम्र के साथ जोखिम बढ़ता है, पर 25–35 साल के पुरुषों में भी तनाव, डर और जीवनशैली से ED आम है।
ज़्यादातर पुरुषों में सही वजह के इलाज, दवा और जीवनशैली से अच्छा सुधार होता है।
बाहर से लगाने वाली चीज़ें ख़ून के बहाव या हार्मोन की वजह को ठीक नहीं करतीं।
रोज़ की आदतें, जो इरेक्शन बेहतर करती हैं
- हरी सब्ज़ियाँ, फल, मेवे — चुकंदर, अनार, अखरोट, पालक — नलियों के लिए अच्छे।
- शराब सीमित — ज़्यादा शराब तनाव आने नहीं देती।
- सिगरेट और तंबाकू बंद — नलियाँ खुलती हैं, ख़ून का बहाव सुधरता है।
- पार्टनर से खुलकर बात — दबाव कम हो तो इरेक्शन ख़ुद सुधरता है।
DLF फ़ेज़ 2 से नज़दीकी ED क्लिनिक
DLF फ़ेज़ 2 से गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक आने के लिए मेट्रो — साइबर सिटी / बेलवेडियर टावर (रैपिड मेट्रो) सबसे आसान है। WhatsApp 7042424269 पर समय तय करके आएँ — इंतज़ार नहीं, भीड़ नहीं।
DLF फ़ेज़ 2 से सबसे नज़दीकगुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक
DLF 4 गैलेरिया मार्केट, गुरुग्राम — 122009
🚇 DLF फ़ेज़ 4, एमजी रोड/सिकंदरपुर मेट्रो से नज़दीक
DLF फ़ेज़ 2 से लगभग 2 किमी

द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक
सेक्टर 9, द्वारका, नई दिल्ली — 110077
🚇 द्वारका सेक्टर 9 मेट्रो स्टेशन (ब्लू लाइन) के पास
DLF फ़ेज़ 2 से लगभग 10 किमी

लाजपत नगर 4 क्लिनिक
लाजपत नगर 4, नई दिल्ली — 110024
🚇 मूलचंद मेट्रो (वायलेट लाइन) से लगभग 100 मीटर
DLF फ़ेज़ 2 से लगभग 17 किमी
समय: सोम–शनि सुबह 10 – शाम 8 · रविवार: अपॉइंटमेंट पर · ऑनलाइन परामर्श सातों दिन
DLF फ़ेज़ 2 से पूछे जाने वाले सवाल
जो सवाल लोग झिझक के कारण नहीं पूछ पाते, उनके जवाब यहाँ हैं।
अपना सवाल पूछेंDLF फ़ेज़ 2 में लिंगदोष (स्तंभन दोष) विशेषज्ञ डॉक्टर कहाँ मिलेगा?
DLF फ़ेज़ 2 से सबसे नज़दीकी डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक का गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक है — DLF 4 गैलेरिया मार्केट, गुरुग्राम — 122009 (DLF फ़ेज़ 4, एमजी रोड/सिकंदरपुर मेट्रो से नज़दीक), लगभग 2 किमी। यहाँ डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD, 28+ साल) परामर्श देते हैं; फ़ीस ₹800। क्लिनिक आ सकें तो आमने-सामने मिलें, वरना ऑनलाइन परामर्श।
DLF फ़ेज़ 2 में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) का इलाज कितने का है?
परामर्श ₹800 है — गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक में या ऑनलाइन। जाँच और दवा का ख़र्च डॉक्टर पहले बता देते हैं; कोई ‘गारंटी पैकेज’ नहीं।
ऑफ़िस से समय नहीं मिलता, क्या शाम को परामर्श हो सकता है?
हाँ, क्लिनिक शाम 8 बजे तक खुला है। आने में असमर्थ हों तो लंच ब्रेक में 15–20 मिनट की वीडियो कॉल भी हो सकती है।
कौन-सी BP या डिप्रेशन की दवाएँ ED कर सकती हैं?
कुछ बीटा-ब्लॉकर, थायाज़ाइड, SSRI दवाएँ, एंटीसाइकोटिक और लंबे समय की ओपिऑयड दवाएँ। लेकिन कोई दवा ख़ुद से बंद न करें — डॉक्टर अक्सर कम साइड-इफ़ेक्ट वाला विकल्प दे सकते हैं।
क्या खर्राटों का ED से संबंध है?
हाँ। स्लीप एपनिया (तेज़ खर्राटे, नींद में साँस रुकना) का ED से गहरा संबंध है, और इसका इलाज करने से अक्सर इरेक्शन भी सुधरता है।
क्या ED पूरी तरह ठीक हो सकता है?
ज़्यादातर मामलों में हाँ, या इतना सुधार कि सामान्य जीवन जी सकें — ख़ासकर जब वजह का इलाज और जीवनशैली में बदलाव साथ चलें।
क्या शुगर से ED होता है?
हाँ। डायबिटीज़ वाले पुरुषों में ED का जोखिम काफ़ी ज़्यादा होता है। शुगर कंट्रोल के साथ इलाज से अच्छा सुधार होता है।
क्या कम उम्र में ED हो सकता है?
हाँ। 25–35 की उम्र में तनाव, डर, नींद की कमी, सिगरेट और ज़्यादा पोर्न आम वजहें हैं — और यह अक्सर जल्दी ठीक होता है।
अपनी समस्या लिखें — जवाब WhatsApp पर
फ़ॉर्म भरते ही WhatsApp खुलेगा और आपका संदेश तैयार मिलेगा — बस भेजें। टीम आपको क्लिनिक का समय बताएगी; आने में असमर्थ हों तो ऑनलाइन परामर्श।
- घर से सैंपल कलेक्शन
- दवा की गोपनीय होम डिलीवरी
- शुगर-हार्मोन जाँच की सुविधा
बटन दबाते ही WhatsApp (70424 24269) खुलेगा — आपका संदेश तैयार मिलेगा, बस भेजें।
DLF फ़ेज़ 2 के आसपास ED का इलाज
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DLF फ़ेज़ 2 के लिए काम की जानकारी
ED का इलाज है — झिझक छोड़ें
DLF फ़ेज़ 2 से क्लिनिक आकर मिलें; आने में असमर्थ हों तो ऑनलाइन परामर्श लें — पूरी गोपनीयता के साथ।