📍 लाजपत नगर · द्वारका · गुरुग्राम⏰ सोम–शनि: सुबह 10 – शाम 8 · रविवार: अपॉइंटमेंट पर☎ 8010 977 000WhatsApp 70424 24269
📍 ग्रेटर कैलाश 2, दिल्ली · नज़दीकी क्लिनिक ~3 किमी

ED का इलाज ग्रेटर कैलाश 2 दवा, काउंसलिंग और जीवनशैली — आयुर्वेद + एलोपैथी

लिंग में तनाव न आना, बीच में ढीला पड़ जाना या सुबह का इरेक्शन बंद हो जाना — यह स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction) के संकेत हैं, और ज़्यादातर पुरुषों में यह इलाज से ठीक होता है। ग्रेटर कैलाश 2 से अनुभवी सेक्सोलॉजिस्ट से गोपनीय सलाह लें।

🏥 ग्रेटर कैलाश 2 से लाजपत नगर 4 क्लिनिक लगभग 3 किमी है — क्लिनिक आकर डॉक्टर से मिलें। आने में असमर्थ हों, तो घर बैठे ऑनलाइन परामर्श लें।

  • घर से सैंपल कलेक्शन
  • दवा की होम डिलीवरी
  • आयुर्वेद + एलोपैथी
डॉ. युवराज मोंगा — ग्रेटर कैलाश 2 में ED (स्तंभन दोष) के इलाज के लिए सेक्सोलॉजिस्ट (MBBS, MD)
Dr. Yuvraj MongaMBBS, MD · सेक्सोलॉजिस्ट

डॉक्टर, 6 महीने से लिंग में पूरा तनाव नहीं आता, बीच में ढीला हो जाता है 😟

यह आम है और इलाज होता है। पहले शुगर और हार्मोन देख लेते हैं — क्लिनिक आ सकते हैं?

जी, मैं ग्रेटर कैलाश 2 से हूँ — अपॉइंटमेंट मिल जाएगा?

सीधा जवाब: ग्रेटर कैलाश 2 में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) का इलाज कहाँ और कैसे?

‘लिंगदोष’, ‘स्तंभन दोष’ और ‘इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED)’ — तीनों एक ही समस्या के नाम हैं। इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) यानी लिंग में पर्याप्त तनाव न आना या टिक न पाना — यह आम है और ज़्यादातर पुरुषों में इलाज से सुधरता है। ग्रेटर कैलाश 2 से सबसे पास हमारा लाजपत नगर 4 क्लिनिक है (लगभग 3 किमी), जहाँ डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD, 28+ साल) परामर्श देते हैं। फ़ीस ₹800। पहली सलाह: क्लिनिक आकर आमने-सामने परामर्श लें — आने में असमर्थ हों, तो वीडियो/फ़ोन पर ऑनलाइन परामर्श।

कौन?MBBS, MD सेक्सोलॉजिस्ट
कहाँ?लाजपत नगर 4 क्लिनिक या वीडियो पर
कितना?परामर्श ₹800
संपर्क?WhatsApp 7042424269

जाँच: डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD) · अपडेट: 27 अक्टूबर 2026

ED क्या है?

स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction) — आसान भाषा में

इरेक्शन के लिए दिमाग़, नसें, हार्मोन और ख़ून का बहाव — चारों का ठीक काम करना ज़रूरी है। इनमें से किसी एक में भी गड़बड़ी हो तो लिंग में तनाव कम आता है या जल्दी चला जाता है; इसी को स्तंभन दोष (ED) कहते हैं।

3 महीनेकभी-कभार तनाव न आना सामान्य है। पर अगर लगभग 3 महीने से ज़्यादातर बार ऐसा हो, तो इसे टालें नहीं — डॉक्टर से मिलें।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED) क्या है — ग्रेटर कैलाश 2

क्या सिर्फ़ आपको ही यह समस्या है? बिल्कुल नहीं

भारत में हुए अध्ययनों के मुताबिक़ लगभग 20 से 40 प्रतिशत पुरुष किसी न किसी हद तक इरेक्शन की दिक़्क़त बताते हैं, और 40 की उम्र के बाद यह तेज़ी से बढ़ती है। अब यह कम उम्र में भी दिखने लगा है — दिल्ली NCR में 25–35 साल के पुरुष भी आते हैं, ज़्यादातर लंबे घंटे बैठकर काम, सिगरेट, मोटापा, कम नींद, लगातार तनाव और शराब की वजह से।

1–2 मिमीलिंग की धमनियाँ इतनी पतली हैं — इसलिए नलियों की बीमारी सबसे पहले यहीं दिखती है
20–40%भारत के पुरुषों में ED के कुछ न कुछ लक्षण, 40 के बाद ज़्यादा
60–80%पुरुषों में डॉक्टर की पर्ची वाली दवा असर करती है

ED के 4 रूप

हल्का (Mild)

कभी-कभार ढीलापन — जीवनशैली सुधारने और सही जानकारी से अक्सर ठीक हो जाता है।

मध्यम (Moderate)

हर दूसरी बार दिक़्क़त — वजह पकड़ने के लिए डॉक्टर से मिलना ज़रूरी।

गंभीर (Severe)

तनाव लगभग नहीं आता — छुपी शुगर, BP या हार्मोन की कमी की जाँच तुरंत करवाएँ।

मन से जुड़ा (Psychogenic)

सुबह का इरेक्शन ठीक आता है, पर संबंध के समय नहीं — डर और तनाव मुख्य वजह।

कारण

वजह जानें, तभी सही इलाज

ज़्यादातर पुरुषों में वजह शरीर और मन, दोनों का मेल होती है। इसलिए सिर्फ़ ‘ताक़त की गोली’ से नहीं, वजह के इलाज से ही टिकाऊ फ़ायदा मिलता है।

❤️ ED और दिल का रिश्ता

ED को डॉक्टर ‘दिल की खिड़की’ मानते हैं: पतली होने की वजह से लिंग की नलियाँ सबसे पहले बताती हैं कि ख़ून की नलियों में रुकावट शुरू हो रही है। हाई BP, बढ़ा कोलेस्ट्रॉल, शुगर/प्री-डायबिटीज़, धूम्रपान या तंबाकू और पेट का मोटापा — ये सब इन्हीं नलियों को नुक़सान पहुँचाते हैं। इसलिए हम ED के मरीज़ का BP, शुगर और लिपिड ज़रूर देखते हैं।

  • नलियों की बीमारी (सबसे आम)हाई BP, कोलेस्ट्रॉल, शुगर और धूम्रपान से लिंग की पतली धमनियों में रुकावट — ED की सबसे बड़ी वजह।
  • लंबी साइकिलिंगसख़्त सीट पर घंटों साइकिल चलाने से कुछ लोगों में पेल्विक नसें और नलियाँ दबती हैं।
  • हार्मोनकम टेस्टोस्टेरोन से इच्छा घटती है; थायरॉइड और बढ़ा प्रोलैक्टिन भी असर डालते हैं। लो टेस्टोस्टेरोन की जानकारी →
  • नींद और खर्राटेकम नींद और स्लीप एपनिया (तेज़ खर्राटे, नींद में साँस रुकना) का ED से गहरा संबंध है; इसका इलाज अक्सर मदद करता है।
  • कुछ दवाएँBP की कुछ दवाएँ (बीटा-ब्लॉकर, थायाज़ाइड), डिप्रेशन की SSRI दवाएँ, एंटीसाइकोटिक, लंबे समय की दर्द-निवारक (ओपिऑयड) दवाएँ।
  • जिम के स्टेरॉयडबॉडी बनाने के लिए लिए गए एनाबॉलिक स्टेरॉयड अंडकोष का काम ठप कर देते हैं — युवाओं में ED की बड़ी वजह।
  • मोटापा और बैठे रहनापेट की चर्बी टेस्टोस्टेरोन घटाती है और नलियाँ बिगाड़ती है; कम फ़िटनेस अपने आप में ED का जोखिम है।
  • तनाव और डिप्रेशनकाम का दबाव, पैसों की चिंता और उदासी इच्छा व इरेक्शन दोनों घटाते हैं; डिप्रेशन और ED एक-दूसरे को बढ़ाते हैं।
  • पोर्न का पैटर्नबहुत ज़्यादा पोर्न देखने वाले कुछ पुरुषों को असली पार्टनर के साथ उत्तेजना में दिक़्क़त होती है — इसे कम करने पर अक्सर सुधार होता है।
लिंग में तनाव की कमी के कारण — शुगर, BP, तनाव
ख़ुद पहचानें

शारीरिक या मानसिक — कुछ आसान संकेत

ख़ासकर युवाओं में मन की भूमिका बड़ी होती है, जबकि 40 के बाद ज़्यादातर शरीर की।

🧠 मन से जुड़े होने के संकेत

  • अचानक शुरुआत
  • सुबह या हस्तमैथुन के समय इरेक्शन सामान्य
  • सिर्फ़ ख़ास हालात या किसी एक पार्टनर के साथ दिक़्क़त
  • साफ़ तनाव वाली कोई घटना से शुरुआत

🩺 शरीर से जुड़े होने के संकेत

  • महीनों-सालों में धीरे-धीरे शुरुआत
  • सुबह का इरेक्शन कम या बंद
  • हर हालात में दिक़्क़त
  • डायबिटीज़, हाई BP या धूम्रपान का इतिहास

कई पुरुषों में दोनों का मेल होता है — शरीर की वजह से एक बार दिक़्क़त हुई, फिर उसका डर बैठ गया। इसलिए अनुमान के बजाय डॉक्टर से एक बार जाँच करवाना बेहतर है।

दक्षिण दिल्ली

ग्रेटर कैलाश 2 के पुरुषों के लिए — हमारी समझ

GK-2 की कोठियों और बाज़ारों वाले परिवार गोपनीयता को सबसे ज़्यादा महत्व देते हैं।

ऐसे इलाकों में सामाजिक पहचान बहुत मायने रखती है। परामर्श निजी केबिन में होता है, पर्ची पर बीमारी का नाम नहीं लिखा जाता और दवा सादे पैकेट में आती है।

ग्रेटर कैलाश 2 या M-ब्लॉक GK-2, सी.आर. पार्क — कहीं से भी लाजपत नगर 4 क्लिनिक पहुँचना आसान है; आने में असमर्थ हों, तो वीडियो पर परामर्श और दवा घर तक।

  • M-ब्लॉक GK-2
  • सी.आर. पार्क
  • चिराग़ दिल्ली

ग्रेटर कैलाश 2 — एक नज़र में

इलाका
ग्रेटर कैलाश 2 (Greater Kailash 2)
ज़िला
दक्षिण दिल्ली, दिल्ली
नज़दीकी क्लिनिक
लाजपत नगर 4 क्लिनिक (~3 किमी)
मेट्रो/रास्ता
ग्रेटर कैलाश (मैजेंटा लाइन)
समय
सोम–शनि 10–8, रविवार अपॉइंटमेंट पर
1 मिनट का सेल्फ़-चेक

क्या आपको ED है? खुद जाँचें

ईमानदारी से टैप करें — यह सिर्फ़ आपकी स्क्रीन पर है। 3 या ज़्यादा ‘हाँ’ हों, तो अनुमान छोड़कर डॉक्टर से बात करें।

बातों पर “हाँ”

3 या ज़्यादा “हाँ”? झिझक छोड़ें।

डॉक्टर से 15 मिनट की बातचीत और 1–2 जाँच से साफ़ हो जाता है कि वजह शरीर में है, मन में या दोनों में — और उसी हिसाब से इलाज।

बस लिखें कि समस्या कब से है।
लोग Google पर यही खोजते हैं

ग्रेटर कैलाश 2 से ED के सवाल — सीधे जवाब

“पुरुष रोग विशेषज्ञ डॉक्टर Near me — Greater Kailash 2”

ग्रेटर कैलाश 2 से सबसे पास लाजपत नगर 4 क्लिनिक है (~3 किमी), मेट्रो: ग्रेटर कैलाश (मैजेंटा लाइन)। अपॉइंटमेंट लेकर आएँ; आने में असमर्थ हों तो वीडियो परामर्श।

“इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) का इलाज क्या है?”

वजह के हिसाब से — दवा, काउंसलिंग, जीवनशैली और जड़ की बीमारी (शुगर, BP, हार्मोन) का इलाज। ख़ुद से ‘ताक़त की गोली’ न लें।

“Sexologist in Greater Kailash 2”

ED के साथ शीघ्रपतन, धात, नाइटफ़ॉल और महिलाओं की यौन समस्याओं के लिए भी परामर्श उपलब्ध है। ग्रेटर कैलाश 1 और 2 में सेक्सोलॉजिस्ट →

“ED और शीघ्रपतन में फ़र्क़”

ED में लिंग में तनाव नहीं आता या टिकता नहीं; शीघ्रपतन में वीर्य जल्दी निकल जाता है। कई बार दोनों साथ होते हैं। ग्रेटर कैलाश 2 में शीघ्रपतन का इलाज →

“ED की दवा कौन-सी है?”

दवा आपकी उम्र, दिल, BP और दूसरी दवाएँ देखकर डॉक्टर तय करते हैं। दिल की कुछ दवाओं के साथ ED की दवा ख़तरनाक हो सकती है।

“स्वप्नदोष से कमज़ोरी आती है?”

नाइटफ़ॉल कभी-कभी होना सामान्य है और इससे ED नहीं होता; बहुत ज़्यादा हो तो सलाह लें। नाइटफ़ॉल के इलाज की जानकारी →

इलाज

आत्मविश्वास वापस पाने का पूरा प्लान

हम ‘एक गोली सबके लिए’ नहीं देते। जाँच, दवा, काउंसलिंग और जीवनशैली — आपकी वजह और दिल की सेहत देखकर। कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।

मेडिकल इलाज

  • डॉक्टर की पर्ची से दवाख़ून का बहाव बढ़ाने वाली आधुनिक दवाएँ — आपकी उम्र, दिल, BP और दूसरी दवाओं को देखकर सही मात्रा में। ख़ुद से कभी न लें।
  • जड़ का इलाजअगर ED के पीछे छुपी शुगर या हार्मोन की कमी है, तो पहले उसे कंट्रोल किया जाता है — कई बार इतने से ही सुधार आ जाता है।
  • काउंसलिंगपरफ़ॉर्मेंस का डर, तनाव और रिश्ते की खटास — बिना जजमेंट बातचीत, ज़रूरत हो तो पार्टनर के साथ।

आयुर्वेद और जीवनशैली

  • आयुर्वेदिक सहायतावाजीकरण जड़ी-बूटियाँ, सात्विक आहार और योग — लंबे फ़ायदे के लिए, एलोपैथी के साथ सुरक्षित तालमेल में।
  • जीवनशैली और व्यायामनींद 7–8 घंटे, कम चीनी-तेल, रोज़ की सैर — कुछ हफ़्तों में ऊर्जा और इरेक्शन, दोनों बेहतर।
  • पेल्विक फ़्लोर व्यायामकेगेल व्यायाम से लिंग के आधार की मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं और तनाव बेहतर टिकता है।
स्तंभन दोष (ED) का आयुर्वेदिक और एलोपैथिक इलाज — ग्रेटर कैलाश 2

पहला कदम: आदतें, जो सच में फ़र्क़ डालती हैं

जीवनशैली में बदलाव इलाज की नींव है — इससे कई पुरुषों में अपने आप इरेक्शन सुधरता है, और बाकी हर इलाज बेहतर असर करता है।

  • वज़न घटाएँ — सिर्फ़ 5–10% वज़न कम करना भी मदद करता है।
  • 7–8 घंटे की नींद — तेज़ खर्राटे आते हों तो स्लीप एपनिया की जाँच करवाएँ।
  • शराब कम करें — टेस्टोस्टेरोन और नसें, दोनों बचती हैं।
  • शुगर-BP-कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल — दवा समय पर, जाँच नियमित।
  • सिगरेट छोड़ें — कुछ महीनों में ही सुधार शुरू हो सकता है।
  • हफ़्ते में 150 मिनट व्यायाम — तेज़ चलना या साइकिल — शोध में इरेक्शन बेहतर हुआ।
  • तनाव का इलाज — योग, साँस का अभ्यास और ज़रूरत हो तो काउंसलिंग।
  • घर का संतुलित खाना — सब्ज़ियाँ, दाल, मछली, मेवे, सरसों/जैतून का तेल; पैकेट वाला खाना कम।

ED की दवा — ज़रूरी सावधानियाँ

इरेक्शन की आधुनिक दवाएँ (PDE5 इन्हिबिटर — जैसे सिल्डेनाफ़िल, टाडालाफ़िल, वार्डेनाफ़िल, अवानाफ़िल) उत्तेजना होने पर लिंग में ख़ून का बहाव बढ़ाती हैं और लगभग 60–80% पुरुषों में असर करती हैं। लेकिन ये पर्ची वाली दवाएँ हैं, और इसकी ठोस वजहें हैं:

  • एंजाइना की नाइट्रेट दवा के साथ कभी नहीं — BP ख़तरनाक रूप से गिर सकता है।
  • ऑनलाइन या बिना लाइसेंस की दुकानों पर नकली गोलियाँ भारत में असली ख़तरा हैं — सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची और रजिस्टर्ड फ़ार्मेसी से लें।
  • टाडालाफ़िल देर तक असर करती है और रोज़ कम डोज़ में भी दी जा सकती है — जो पुरुष प्लानिंग के बिना सहज रहना चाहते हैं, उनके लिए।
  • गंभीर दिल की बीमारी, लो BP या आँख की कुछ बीमारियों में सावधानी ज़रूरी।

हार्मोन और काउंसलिंग

टेस्टोस्टेरोन थेरेपी सिर्फ़ उन्हीं पुरुषों के लिए है जिनमें जाँच से कमी पक्की हो — और जो पिता बनना चाहते हैं, उन्हें यह विशेषज्ञ की सलाह के बिना नहीं लेनी चाहिए। लो टेस्टोस्टेरोन के बारे में पढ़ें →

डर और तनाव वाले ED में बातचीत ही आधा इलाज है — CBT से ‘फिर नहीं हुआ तो?’ वाला चक्र टूटता है, और ज़रूरत हो तो पार्टनर के साथ काउंसलिंग होती है।

ED के लिए व्यायाम और ध्यान

रोज़ 30 मिनट तेज़ चलना

ख़ून का बहाव बढ़ाने का सबसे सस्ता तरीका — शोध बताते हैं कि नियमित एरोबिक व्यायाम से ED में साफ़ सुधार होता है।

डॉ. युवराज मोंगा, MBBS, MD — ग्रेटर कैलाश 2 के लिए लिंगदोष (स्तंभन दोष) विशेषज्ञ डॉक्टर
🔒 100% गोपनीय परामर्श
ED विशेषज्ञ डॉक्टर — ग्रेटर कैलाश 2

डॉ. युवराज मोंगा

MBBS, MD · फ़ेलोशिप इन डायबिटीज़ (UK) · सेक्सोलॉजिस्ट व डायबेटोलॉजिस्ट · 28+ साल

1946 में अमृतसर से शुरू हुई डॉ. मोंगा परिवार की चिकित्सा विरासत आज लाजपत नगर, द्वारका और गुरुग्राम के क्लिनिकों तक है। डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD, फ़ेलोशिप इन डायबिटीज़ — UK) एलोपैथी और आयुर्वेद को साथ लेकर चलते हैं — ED में यही ‘इंटीग्रेटेड’ तरीका सबसे काम का है।

ग्रेटर कैलाश 2 और आसपास से आने वाले बहुत से पुरुष डॉ. युवराज मोंगा से पहली बार खुलकर ‘लिंग में तनाव न आने’ की बात कर पाते हैं। उनका तरीका सीधा है — आसान हिंदी, ज़रूरी जाँच, बिना डराए इलाज, और फ़ॉलो-अप।

1946, अमृतसर से चली पारिवारिक विरासत
फ़ेलोशिप इन इन्फ़ेक्शियस डिज़ीज़ (ऑस्ट्रेलिया)
फ़ेलोशिप इन डायबिटीज़ (UK)
MBBS, MD

एक ही जगह पूरी टीम

काउंसलर — डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिककाउंसलरपरफ़ॉर्मेंस का डर, तनाव
एलोपैथिक डॉक्टर — डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिकएलोपैथिक डॉक्टरजाँच और साक्ष्य-आधारित दवा
आहार विशेषज्ञ — डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिकआहार विशेषज्ञवज़न, शुगर और खान-पान
आयुर्वेदिक डॉक्टर — डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिकआयुर्वेदिक डॉक्टरवाजीकरण जड़ी-बूटियाँ
डॉक्टर से कब मिलें

इनमें से एक भी बात हो, तो देर न करें

3 महीने से ज़्यादाइरेक्शन की दिक़्क़त 3 महीने से लगातार है।
शुगर / BP / दिलआपको डायबिटीज़, हाई BP या दिल की बीमारी है।
सीने में तकलीफ़मेहनत पर सीने में दर्द या साँस फूलती है — पहले दिल की जाँच ज़रूरी।
अचानक शुरुआतकिसी सर्जरी, चोट या नई दवा के बाद अचानक शुरू हुई।
इच्छा भी कमसेक्स की इच्छा घटी है या कम टेस्टोस्टेरोन के दूसरे लक्षण (थकान, चिड़चिड़ापन) हैं।

🏥 ग्रेटर कैलाश 2 से लाजपत नगर 4 क्लिनिक (~3 किमी) आकर मिलें; आने में असमर्थ हों तो ऑनलाइन परामर्श। अपॉइंटमेंट लें →

ED की जाँच — शुगर, टेस्टोस्टेरोन, थायरॉइड टेस्ट, ग्रेटर कैलाश 2
जाँच में क्या होता है

ED की जाँच — आसान और निजी

अच्छी जाँच आसान और निजी होती है — ज़्यादातर पुरुषों में बातचीत, BP और 3–4 ब्लड टेस्ट से वजह साफ़ हो जाती है।

  1. बातचीत

    समस्या कब से है, कौन-सी दवाएँ लेते हैं, आदतें और रिश्ते की बात — पूरी तरह निजी।

  2. शारीरिक जाँच

    BP, वज़न, कमर का नाप, और ज़रूरत हो तो जननांग व प्रोस्टेट की जाँच।

  3. ब्लड टेस्ट

    फ़ास्टिंग शुगर या HbA1c, लिपिड प्रोफ़ाइल, सुबह का टेस्टोस्टेरोन, थायरॉइड, कभी-कभी प्रोलैक्टिन।

  4. दिल की जाँच

    जोखिम ज़्यादा हो तो ECG या आगे की कार्डियक जाँच।

टेस्ट के लिए भी डॉक्टर से बात करें

जाँच का मक़सद डराना नहीं, छुपी वजह (जैसे शुगर या टेस्टोस्टेरोन की कमी) पकड़ना है। टेस्ट के लिए भी हमारे डॉक्टर से बात करें — टेस्ट की जानकारी और घर से सैंपल कलेक्शन हम उपलब्ध कराते हैं। घबराने की ज़रूरत नहीं; घर बैठे इलाज के लिए संपर्क करें।

  • टेस्टोस्टेरोनसुबह का सैंपल सबसे सही — थकान और कम इच्छा की वजह भी यही हो सकती है।
  • लिपिड प्रोफ़ाइलकोलेस्ट्रॉल से धमनियों की सेहत का अंदाज़ा।
  • BP की जाँचहाई BP ख़ून के बहाव को कम करता है।
  • ब्लड शुगर (FBS / HbA1c)छुपी डायबिटीज़ ED की सबसे आम वजहों में है।
  • पेनाइल डॉप्लर (ज़रूरत पर)लिंग की नसों में ख़ून का बहाव — सिर्फ़ चुनिंदा मामलों में।
भ्रम बनाम सच

ED के ये भ्रम सच नहीं हैं

आम भ्रमअसल सच
‘ताक़त की गोली’ ही इलाज है।बिना जाँच की गोली से BP गिरना, दिल पर असर जैसे ख़तरे हैं — और असली वजह (जैसे शुगर) छुपी रह जाती है।
ED का कोई इलाज नहीं।ज़्यादातर पुरुषों में सही वजह के इलाज, दवा और जीवनशैली से अच्छा सुधार होता है।
हस्तमैथुन से नपुंसकता होती है।सामान्य हस्तमैथुन से ED नहीं होता। अपराध-बोध और डर ज़रूर असर डाल सकते हैं।
एक बार दवा शुरू की तो हमेशा खानी पड़ेगी।वजह ठीक होने पर (जैसे शुगर कंट्रोल, वज़न कम) कई पुरुषों की दवा धीरे-धीरे कम या बंद हो जाती है।
पूरी नींद — ED से बचाव

रोज़ की आदतें, जो इरेक्शन बेहतर करती हैं

  • सिगरेट और तंबाकू बंद — नलियाँ खुलती हैं, ख़ून का बहाव सुधरता है।
  • शुगर-BP कंट्रोल — दवा समय पर, जाँच हर 3 महीने।
  • हरी सब्ज़ियाँ, फल, मेवे — चुकंदर, अनार, अखरोट, पालक — नलियों के लिए अच्छे।
  • पेट की चर्बी घटाएँ — वज़न 5–10% घटने से भी फ़र्क़ दिखता है।
  • पार्टनर से खुलकर बात — दबाव कम हो तो इरेक्शन ख़ुद सुधरता है।
  • शराब सीमित — ज़्यादा शराब तनाव आने नहीं देती।
दिल्ली NCR में 3 क्लिनिक

ग्रेटर कैलाश 2 से नज़दीकी ED क्लिनिक

ग्रेटर कैलाश 2 से लाजपत नगर 4 क्लिनिक आने के लिए मेट्रो — ग्रेटर कैलाश (मैजेंटा लाइन) सबसे आसान है। WhatsApp 7042424269 पर समय तय करके आएँ — इंतज़ार नहीं, भीड़ नहीं।

डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक — लाजपत नगर 4 क्लिनिकग्रेटर कैलाश 2 से सबसे नज़दीक

लाजपत नगर 4 क्लिनिक

लाजपत नगर 4, नई दिल्ली — 110024

🚇 मूलचंद मेट्रो (वायलेट लाइन) से लगभग 100 मीटर

ग्रेटर कैलाश 2 से लगभग 3 किमी

डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक — गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक

गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक

DLF 4 गैलेरिया मार्केट, गुरुग्राम — 122009

🚇 DLF फ़ेज़ 4, एमजी रोड/सिकंदरपुर मेट्रो से नज़दीक

ग्रेटर कैलाश 2 से लगभग 17 किमी

डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक — द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक

द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक

सेक्टर 9, द्वारका, नई दिल्ली — 110077

🚇 द्वारका सेक्टर 9 मेट्रो स्टेशन (ब्लू लाइन) के पास

ग्रेटर कैलाश 2 से लगभग 18 किमी

1. क्लिनिक आएँदिल्ली NCR में हैं, तो लाजपत नगर 4 क्लिनिक (~3 किमी) में आमने-सामने परामर्श सबसे बेहतर है — BP और ज़रूरी जाँच भी वहीं।
2. आने में असमर्थ? ऑनलाइन परामर्शवीडियो/फ़ोन पर वही डॉक्टर, वही फ़ीस (₹800) — दवा गोपनीय पैकिंग में घर तक।

समय: सोम–शनि सुबह 10 – शाम 8 · रविवार: अपॉइंटमेंट पर · ऑनलाइन परामर्श सातों दिन

ED पर सवाल — ग्रेटर कैलाश 2

जो सवाल लोग झिझक के कारण नहीं पूछ पाते, उनके जवाब यहाँ हैं।

अपना सवाल पूछें
ग्रेटर कैलाश 2 में लिंगदोष (स्तंभन दोष) विशेषज्ञ डॉक्टर कहाँ मिलेगा?

ग्रेटर कैलाश 2 से सबसे नज़दीकी डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक का लाजपत नगर 4 क्लिनिक है — लाजपत नगर 4, नई दिल्ली — 110024 (मूलचंद मेट्रो (वायलेट लाइन) से लगभग 100 मीटर), लगभग 3 किमी। यहाँ डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD, 28+ साल) परामर्श देते हैं; फ़ीस ₹800। क्लिनिक आ सकें तो आमने-सामने मिलें, वरना ऑनलाइन परामर्श।

ग्रेटर कैलाश 2 में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) का इलाज कितने का है?

परामर्श ₹800 है — लाजपत नगर 4 क्लिनिक में या ऑनलाइन। जाँच और दवा का ख़र्च डॉक्टर पहले बता देते हैं; कोई ‘गारंटी पैकेज’ नहीं।

ग्रेटर कैलाश 2 से आने वाले मरीज़ों की जानकारी गोपनीय रहती है?

हाँ। निजी केबिन में परामर्श, पर्ची पर बीमारी का नाम नहीं, और दवा सादे पैकेट में।

क्या ED हार्ट अटैक का पहला संकेत हो सकता है?

हाँ। लिंग की धमनियाँ बहुत पतली (1–2 मिमी) होती हैं, इसलिए नलियों की बीमारी का असर यहाँ पहले दिखता है — ED अक्सर हार्ट अटैक या स्ट्रोक से 2–5 साल पहले शुरू होता है। 40 के बाद नया ED हो तो दिल और शुगर की जाँच करवाएँ।

ED की दवा रोज़ ले सकते हैं?

कुछ पुरुषों को डॉक्टर टाडालाफ़िल की रोज़ की कम डोज़ देते हैं, ताकि हर बार प्लान न करना पड़े। यह फ़ैसला आपकी सेहत और दूसरी दवाएँ देखकर डॉक्टर ही करते हैं।

क्या ऑनलाइन इलाज हो सकता है?

हाँ। क्लिनिक आ सकें तो आमने-सामने मिलना बेहतर है; आने में असमर्थ हों तो वीडियो/फ़ोन पर परामर्श, सैंपल घर से और दवा घर तक।

सेक्सोलॉजिस्ट की फ़ीस कितनी है?

परामर्श ₹800 है — क्लिनिक में या ऑनलाइन। जाँच और दवा का ख़र्च पहले बता दिया जाता है।

ED और शीघ्रपतन में क्या फ़र्क़ है?

ED में लिंग में तनाव नहीं आता या टिकता नहीं; शीघ्रपतन में वीर्य जल्दी निकल जाता है। कई बार दोनों साथ होते हैं।

ग्रेटर कैलाश 2 से ED पर गोपनीय सलाह लें

नाम, नंबर और समस्या — बस इतना। संदेश सीधे क्लिनिक के WhatsApp (70424 24269) पर जाता है।

  • परामर्श ₹800
  • शुगर-हार्मोन जाँच की सुविधा
  • MBBS, MD सेक्सोलॉजिस्ट

100% गोपनीय • आपकी जानकारी सुरक्षित है

बटन दबाते ही WhatsApp (70424 24269) खुलेगा — आपका संदेश तैयार मिलेगा, बस भेजें।

ED का इलाज है — झिझक छोड़ें

ग्रेटर कैलाश 2 से क्लिनिक आकर मिलें; आने में असमर्थ हों तो ऑनलाइन परामर्श लें — पूरी गोपनीयता के साथ।