जहाँगीरपुरी में लिंग में तनाव न आने का इलाज स्तंभन दोष (ED) का भरोसेमंद समाधान
इंटरनेट की ‘ताक़त की गोलियाँ’ या बिना पर्ची की दवा से पहले एक बार डॉक्टर से बात कर लीजिए — ED कई बार दिल या शुगर की छुपी बीमारी का पहला संकेत होता है। जहाँगीरपुरी के लिए MBBS, MD सेक्सोलॉजिस्ट, पूरी प्राइवेसी के साथ।
🏥 जहाँगीरपुरी से द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक लगभग 19 किमी है — क्लिनिक आकर डॉक्टर से मिलें। आने में असमर्थ हों, तो घर बैठे ऑनलाइन परामर्श लें।
- कोई जजमेंट नहीं
- परामर्श ₹800
- पूरी तरह गोपनीय परामर्श
छोटा जवाब: जहाँगीरपुरी से लिंग में तनाव न आने का इलाज कैसे शुरू करें?
‘लिंगदोष’, ‘स्तंभन दोष’ और ‘इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED)’ — तीनों एक ही समस्या के नाम हैं। इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) यानी लिंग में पर्याप्त तनाव न आना या टिक न पाना — यह आम है और ज़्यादातर पुरुषों में इलाज से सुधरता है। जहाँगीरपुरी से सबसे पास हमारा द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक है (लगभग 19 किमी), जहाँ डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD, 28+ साल) परामर्श देते हैं। फ़ीस ₹800। पहली सलाह: क्लिनिक आकर आमने-सामने परामर्श लें — आने में असमर्थ हों, तो वीडियो/फ़ोन पर ऑनलाइन परामर्श।
- परामर्श ₹800
- सैंपल घर से
- दवा घर तक
- नज़दीकी: द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक
जाँच: डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD) · अपडेट: 27 अक्टूबर 2026
सेल्फ़-चेक: डॉक्टर से कब मिलें?
ईमानदारी से टैप करें — यह सिर्फ़ आपकी स्क्रीन पर है। 3 या ज़्यादा ‘हाँ’ हों, तो अनुमान छोड़कर डॉक्टर से बात करें।
3 या ज़्यादा “हाँ”? झिझक छोड़ें।
डॉक्टर से 15 मिनट की बातचीत और 1–2 जाँच से साफ़ हो जाता है कि वजह शरीर में है, मन में या दोनों में — और उसी हिसाब से इलाज।
जहाँगीरपुरी और आसपास से गोपनीय इलाज
आज़ादपुर मंडी के पास बसा जहाँगीरपुरी मेहनतकश परिवारों की घनी बस्ती है।
घनी बस्तियों में अस्पताल की लाइन में पहचान वाले मिल जाने का डर रहता है। तय समय पर क्लिनिक आएँ — वेटिंग में भीड़ नहीं, कोई बीमारी का नाम नहीं पूछता।
जहाँगीरपुरी या आदर्श नगर, आज़ादपुर मंडी — कहीं से भी द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक पहुँचना आसान है; आने में असमर्थ हों, तो वीडियो पर परामर्श और दवा घर तक।
- आदर्श नगर
- आज़ादपुर मंडी
- भलस्वा
जहाँगीरपुरी — एक नज़र में
- इलाका
- जहाँगीरपुरी (Jahangirpuri)
- ज़िला
- उत्तर-पश्चिम दिल्ली, दिल्ली
- नज़दीकी क्लिनिक
- द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक (~19 किमी)
- मेट्रो/रास्ता
- जहाँगीरपुरी (येलो लाइन)
- समय
- सोम–शनि 10–8, रविवार अपॉइंटमेंट पर
स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction) — आसान भाषा में
जब सेक्स के लिए लिंग में पर्याप्त तनाव (इरेक्शन) न आए, या आए पर संबंध पूरा होने तक टिके नहीं — और ऐसा बार-बार, कई हफ़्तों तक हो — तो इसे इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED) या स्तंभन दोष कहते हैं।

भारत में ED कितना आम है?
भारत में हुए अध्ययनों के मुताबिक़ लगभग 20 से 40 प्रतिशत पुरुष किसी न किसी हद तक इरेक्शन की दिक़्क़त बताते हैं, और 40 की उम्र के बाद यह तेज़ी से बढ़ती है। अब यह कम उम्र में भी दिखने लगा है — दिल्ली NCR में 25–35 साल के पुरुष भी आते हैं, ज़्यादातर लंबे घंटे बैठकर काम, सिगरेट, मोटापा, कम नींद, लगातार तनाव और शराब की वजह से।
ED के 4 रूप
हल्का (Mild)
कभी-कभार ढीलापन — जीवनशैली सुधारने और सही जानकारी से अक्सर ठीक हो जाता है।
मध्यम (Moderate)
हर दूसरी बार दिक़्क़त — वजह पकड़ने के लिए डॉक्टर से मिलना ज़रूरी।
गंभीर (Severe)
तनाव लगभग नहीं आता — छुपी शुगर, BP या हार्मोन की कमी की जाँच तुरंत करवाएँ।
मन से जुड़ा (Psychogenic)
सुबह का इरेक्शन ठीक आता है, पर संबंध के समय नहीं — डर और तनाव मुख्य वजह।
लिंग में तनाव क्यों नहीं आता? शरीर और मन, दोनों
वजह पहचाने बिना इलाज अंधेरे में तीर है। डॉक्टर पहली बातचीत में ही समझ जाते हैं कि आपकी वजह शरीर से जुड़ी है या मन से।
ED को डॉक्टर ‘दिल की खिड़की’ मानते हैं: पतली होने की वजह से लिंग की नलियाँ सबसे पहले बताती हैं कि ख़ून की नलियों में रुकावट शुरू हो रही है। हाई BP, बढ़ा कोलेस्ट्रॉल, शुगर/प्री-डायबिटीज़, धूम्रपान या तंबाकू और पेट का मोटापा — ये सब इन्हीं नलियों को नुक़सान पहुँचाते हैं। इसलिए हम ED के मरीज़ का BP, शुगर और लिपिड ज़रूर देखते हैं।
नलियों की बीमारी (सबसे आम)
हाई BP, कोलेस्ट्रॉल, शुगर और धूम्रपान से लिंग की पतली धमनियों में रुकावट — ED की सबसे बड़ी वजह।
डायबिटीज़
शुगर नलियों और इरेक्शन की नसों, दोनों को नुक़सान पहुँचाती है; अच्छा शुगर कंट्रोल इसे धीमा या कुछ हद तक ठीक कर सकता है। डायबिटीज़ का इलाज →
नसों से जुड़ी बीमारियाँ
रीढ़ की चोट, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, पार्किंसन, या प्रोस्टेट/आँत की सर्जरी के बाद नसों का नुक़सान।
लंबी साइकिलिंग
सख़्त सीट पर घंटों साइकिल चलाने से कुछ लोगों में पेल्विक नसें और नलियाँ दबती हैं।
मोटापा और बैठे रहना
पेट की चर्बी टेस्टोस्टेरोन घटाती है और नलियाँ बिगाड़ती है; कम फ़िटनेस अपने आप में ED का जोखिम है।
नींद और खर्राटे
कम नींद और स्लीप एपनिया (तेज़ खर्राटे, नींद में साँस रुकना) का ED से गहरा संबंध है; इसका इलाज अक्सर मदद करता है।
रिश्ते की उलझन
अनसुलझे झगड़े, बातचीत की कमी या नज़दीकी की कमी भी असर डालती है।
पोर्न का पैटर्न
बहुत ज़्यादा पोर्न देखने वाले कुछ पुरुषों को असली पार्टनर के साथ उत्तेजना में दिक़्क़त होती है — इसे कम करने पर अक्सर सुधार होता है।
शारीरिक या मानसिक — कुछ आसान संकेत
सुबह का इरेक्शन सबसे काम का सुराग़ है — वह ठीक आता है तो नसें और नलियाँ अक्सर ठीक हैं।
🧠 मन से जुड़े होने के संकेत
- अचानक शुरुआत
- सुबह या हस्तमैथुन के समय इरेक्शन सामान्य
- सिर्फ़ ख़ास हालात या किसी एक पार्टनर के साथ दिक़्क़त
- साफ़ तनाव वाली कोई घटना से शुरुआत
🩺 शरीर से जुड़े होने के संकेत
- महीनों-सालों में धीरे-धीरे शुरुआत
- सुबह का इरेक्शन कम या बंद
- हर हालात में दिक़्क़त
- डायबिटीज़, हाई BP या धूम्रपान का इतिहास
यह सिर्फ़ एक अंदाज़ा है, पक्की पहचान नहीं। ज़्यादातर मामलों में शरीर और मन दोनों की वजहें साथ होती हैं, और इलाज भी दोनों का साथ चलता है।
जहाँगीरपुरी से ED के सवाल — सीधे जवाब
“पुरुष रोग विशेषज्ञ डॉक्टर Near me — Jahangirpuri”
जहाँगीरपुरी से सबसे पास द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक है (~19 किमी), मेट्रो: जहाँगीरपुरी (येलो लाइन)। अपॉइंटमेंट लेकर आएँ; आने में असमर्थ हों तो वीडियो परामर्श।
“इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) का इलाज क्या है?”
वजह के हिसाब से — दवा, काउंसलिंग, जीवनशैली और जड़ की बीमारी (शुगर, BP, हार्मोन) का इलाज। ख़ुद से ‘ताक़त की गोली’ न लें।
“स्वप्नदोष से कमज़ोरी आती है?”
नाइटफ़ॉल कभी-कभी होना सामान्य है और इससे ED नहीं होता; बहुत ज़्यादा हो तो सलाह लें। नाइटफ़ॉल के इलाज की जानकारी →
“स्तंभन दोष का आयुर्वेदिक इलाज”
अश्वगंधा, शिलाजीत, सफ़ेद मूसली, गोक्षुर जैसी जड़ी-बूटियाँ ताक़त और तनाव में मदद करती हैं — सही मात्रा डॉक्टर बताते हैं।
“ED की दवा कौन-सी है?”
दवा आपकी उम्र, दिल, BP और दूसरी दवाएँ देखकर डॉक्टर तय करते हैं। दिल की कुछ दवाओं के साथ ED की दवा ख़तरनाक हो सकती है।
“लिंग में तनाव न आने का घरेलू उपाय”
रोज़ 30 मिनट तेज़ चलना, सिगरेट छोड़ना, वज़न घटाना, पूरी नींद — इनसे सच में फ़र्क़ पड़ता है; पर 3 महीने से दिक़्क़त हो तो डॉक्टर से मिलें।
जहाँगीरपुरी से नज़दीकी ED क्लिनिक
जहाँगीरपुरी से द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक आने के लिए मेट्रो — जहाँगीरपुरी (येलो लाइन) सबसे आसान है। WhatsApp 7042424269 पर समय तय करके आएँ — इंतज़ार नहीं, भीड़ नहीं।
जहाँगीरपुरी से सबसे नज़दीकद्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक
सेक्टर 9, द्वारका, नई दिल्ली — 110077
🚇 द्वारका सेक्टर 9 मेट्रो स्टेशन (ब्लू लाइन) के पास
जहाँगीरपुरी से लगभग 19 किमी

लाजपत नगर 4 क्लिनिक
लाजपत नगर 4, नई दिल्ली — 110024
🚇 मूलचंद मेट्रो (वायलेट लाइन) से लगभग 100 मीटर
जहाँगीरपुरी से लगभग 19 किमी

गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक
DLF 4 गैलेरिया मार्केट, गुरुग्राम — 122009
🚇 DLF फ़ेज़ 4, एमजी रोड/सिकंदरपुर मेट्रो से नज़दीक
जहाँगीरपुरी से लगभग 30 किमी
समय: सोम–शनि सुबह 10 – शाम 8 · रविवार: अपॉइंटमेंट पर · ऑनलाइन परामर्श सातों दिन
लिंग में तनाव न आने का इलाज — 6 हिस्सों में
हम ‘एक गोली सबके लिए’ नहीं देते। जाँच, दवा, काउंसलिंग और जीवनशैली — आपकी वजह और दिल की सेहत देखकर। कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।
मेडिकल इलाज
- डॉक्टर की पर्ची से दवाख़ून का बहाव बढ़ाने वाली आधुनिक दवाएँ — आपकी उम्र, दिल, BP और दूसरी दवाओं को देखकर सही मात्रा में। ख़ुद से कभी न लें।
- जड़ का इलाजअगर ED के पीछे छुपी शुगर या हार्मोन की कमी है, तो पहले उसे कंट्रोल किया जाता है — कई बार इतने से ही सुधार आ जाता है।
- काउंसलिंग‘फिर से नहीं हुआ तो?’ — यही डर समस्या बढ़ाता है। काउंसलर इस चक्र को तोड़ने में मदद करते हैं।
आयुर्वेद और जीवनशैली
- आयुर्वेदिक सहायतावाजीकरण जड़ी-बूटियाँ, सात्विक आहार और योग — लंबे फ़ायदे के लिए, एलोपैथी के साथ सुरक्षित तालमेल में।
- जीवनशैली और व्यायामनींद 7–8 घंटे, कम चीनी-तेल, रोज़ की सैर — कुछ हफ़्तों में ऊर्जा और इरेक्शन, दोनों बेहतर।
- पेल्विक फ़्लोर व्यायामदिन में 2–3 बार 10-10 बार कसना-छोड़ना — बिना किसी उपकरण के, घर पर।

जीवनशैली — इलाज की नींव
जीवनशैली में बदलाव इलाज की नींव है — इससे कई पुरुषों में अपने आप इरेक्शन सुधरता है, और बाकी हर इलाज बेहतर असर करता है।
- शराब कम करें — टेस्टोस्टेरोन और नसें, दोनों बचती हैं।
- वज़न घटाएँ — सिर्फ़ 5–10% वज़न कम करना भी मदद करता है।
- 7–8 घंटे की नींद — तेज़ खर्राटे आते हों तो स्लीप एपनिया की जाँच करवाएँ।
- हफ़्ते में 150 मिनट व्यायाम — तेज़ चलना या साइकिल — शोध में इरेक्शन बेहतर हुआ।
- तनाव का इलाज — योग, साँस का अभ्यास और ज़रूरत हो तो काउंसलिंग।
दवा: असरदार, पर पर्ची से ही
डॉक्टर की पर्ची वाली ED दवाएँ (PDE5 इन्हिबिटर) ज़्यादातर पुरुषों — लगभग 60 से 80 प्रतिशत — में काम करती हैं, बशर्ते सही दवा, सही मात्रा और सही समय हो। ख़ुद से लेने से पहले ये बातें जान लें:
- एंजाइना की नाइट्रेट दवा के साथ कभी नहीं — BP ख़तरनाक रूप से गिर सकता है।
- ऑनलाइन या बिना लाइसेंस की दुकानों पर नकली गोलियाँ भारत में असली ख़तरा हैं — सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची और रजिस्टर्ड फ़ार्मेसी से लें।
- टाडालाफ़िल देर तक असर करती है और रोज़ कम डोज़ में भी दी जा सकती है — जो पुरुष प्लानिंग के बिना सहज रहना चाहते हैं, उनके लिए।
हार्मोन और काउंसलिंग
टेस्टोस्टेरोन थेरेपी सिर्फ़ उन्हीं पुरुषों के लिए है जिनमें जाँच से कमी पक्की हो — और जो पिता बनना चाहते हैं, उन्हें यह विशेषज्ञ की सलाह के बिना नहीं लेनी चाहिए। लो टेस्टोस्टेरोन के बारे में पढ़ें →
मन से जुड़े ED में काउंसलिंग और सेक्स थेरेपी असरदार है — अक्सर दवा के साथ। कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) परफ़ॉर्मेंस के डर को घटाती है, और रिश्ते की उलझन हो तो कपल काउंसलिंग मदद करती है।

ध्यान और गहरी साँस
4 सेकंड साँस अंदर, 6 सेकंड बाहर — रोज़ 10 मिनट। घबराहट घटती है, और मन से जुड़े ED में सीधा फ़ायदा।
जहाँगीरपुरी से कब लें ED का परामर्श?
🏥 जहाँगीरपुरी से द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक (~19 किमी) आकर मिलें; आने में असमर्थ हों तो ऑनलाइन परामर्श। अपॉइंटमेंट लें →
पहली मुलाक़ात में क्या होता है?
अच्छी जाँच आसान और निजी होती है — ज़्यादातर पुरुषों में बातचीत, BP और 3–4 ब्लड टेस्ट से वजह साफ़ हो जाती है।
बातचीत
समस्या कब से है, कौन-सी दवाएँ लेते हैं, आदतें और रिश्ते की बात — पूरी तरह निजी।
शारीरिक जाँच
BP, वज़न, कमर का नाप, और ज़रूरत हो तो जननांग व प्रोस्टेट की जाँच।
ब्लड टेस्ट
फ़ास्टिंग शुगर या HbA1c, लिपिड प्रोफ़ाइल, सुबह का टेस्टोस्टेरोन, थायरॉइड, कभी-कभी प्रोलैक्टिन।
दिल की जाँच
जोखिम ज़्यादा हो तो ECG या आगे की कार्डियक जाँच।
पेनाइल डॉप्लर
कुछ ही मामलों में — लिंग में ख़ून के बहाव की अल्ट्रासाउंड जाँच।
टेस्ट के लिए भी डॉक्टर से बात करें
हर किसी को सारे टेस्ट नहीं चाहिए — डॉक्टर बातचीत के बाद ही तय करते हैं। टेस्ट के लिए भी हमारे डॉक्टर से बात करें — टेस्ट की जानकारी और घर से सैंपल कलेक्शन हम उपलब्ध कराते हैं। घबराने की ज़रूरत नहीं; घर बैठे इलाज के लिए संपर्क करें।
- टेस्टोस्टेरोनसुबह का सैंपल सबसे सही — थकान और कम इच्छा की वजह भी यही हो सकती है।
- थायरॉइड (TSH) / प्रोलैक्टिनइनकी गड़बड़ी दवा से आसानी से ठीक होती है।
- BP की जाँचहाई BP ख़ून के बहाव को कम करता है।
- ब्लड शुगर (FBS / HbA1c)छुपी डायबिटीज़ ED की सबसे आम वजहों में है।
- पेनाइल डॉप्लर (ज़रूरत पर)लिंग की नसों में ख़ून का बहाव — सिर्फ़ चुनिंदा मामलों में।
ED के ये भ्रम सच नहीं हैं
| आम भ्रम | असल सच |
|---|---|
| यह सिर्फ़ मन का वहम है। | ज़्यादातर मामलों में कोई शारीरिक वजह भी होती है — इसलिए जाँच ज़रूरी। |
| एक बार दवा शुरू की तो हमेशा खानी पड़ेगी। | वजह ठीक होने पर (जैसे शुगर कंट्रोल, वज़न कम) कई पुरुषों की दवा धीरे-धीरे कम या बंद हो जाती है। |
| ED का कोई इलाज नहीं। | ज़्यादातर पुरुषों में सही वजह के इलाज, दवा और जीवनशैली से अच्छा सुधार होता है। |
| ‘ताक़त की गोली’ ही इलाज है। | बिना जाँच की गोली से BP गिरना, दिल पर असर जैसे ख़तरे हैं — और असली वजह (जैसे शुगर) छुपी रह जाती है। |
| ED का मतलब बच्चा नहीं होगा। | ED और फ़र्टिलिटी अलग हैं — इलाज के बाद ज़्यादातर पुरुष पिता बनते हैं; शक हो तो वीर्य जाँच करवाएँ। |
| हस्तमैथुन से नपुंसकता होती है। | सामान्य हस्तमैथुन से ED नहीं होता। अपराध-बोध और डर ज़रूर असर डाल सकते हैं। |
रोज़ की आदतें, जो इरेक्शन बेहतर करती हैं
- सिगरेट और तंबाकू बंद — नलियाँ खुलती हैं, ख़ून का बहाव सुधरता है।
- शुगर-BP कंट्रोल — दवा समय पर, जाँच हर 3 महीने।
- शराब सीमित — ज़्यादा शराब तनाव आने नहीं देती।
- हरी सब्ज़ियाँ, फल, मेवे — चुकंदर, अनार, अखरोट, पालक — नलियों के लिए अच्छे।
- 7–8 घंटे की नींद — नींद में ही टेस्टोस्टेरोन बनता है।
- पार्टनर से खुलकर बात — दबाव कम हो तो इरेक्शन ख़ुद सुधरता है।

डॉ. युवराज मोंगा
MBBS, MD · फ़ेलोशिप इन डायबिटीज़ (UK) · सेक्सोलॉजिस्ट व डायबेटोलॉजिस्ट · 28+ साल
ED के मरीज़ को अक्सर तीन डॉक्टरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं — सेक्सोलॉजिस्ट, शुगर-BP के डॉक्टर और काउंसलर। डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक में डॉ. युवराज मोंगा (सेक्सोलॉजिस्ट + डायबेटोलॉजिस्ट, UK फ़ेलोशिप) के साथ आयुर्वेदिक डॉक्टर, काउंसलर और आहार विशेषज्ञ एक ही छत के नीचे हैं।
लिंगदोष (स्तंभन दोष) के विशेषज्ञ के तौर पर डॉ. युवराज मोंगा ‘एक गोली सबके लिए’ नहीं देते — उम्र, दिल की सेहत और दूसरी दवाओं को देखकर ही इलाज तय करते हैं, ताकि फ़ायदा सुरक्षित भी हो और टिकाऊ भी।
एक ही जगह पूरी टीम
काउंसलरपरफ़ॉर्मेंस का डर, तनाव
एलोपैथिक डॉक्टरजाँच और साक्ष्य-आधारित दवा
आहार विशेषज्ञवज़न, शुगर और खान-पान
आयुर्वेदिक डॉक्टरवाजीकरण जड़ी-बूटियाँजहाँगीरपुरी से अपॉइंटमेंट तय करें
नाम, नंबर और समस्या — बस इतना। संदेश सीधे क्लिनिक के WhatsApp (70424 24269) पर जाता है।
- घर से सैंपल कलेक्शन
- परामर्श ₹800
- MBBS, MD सेक्सोलॉजिस्ट
बटन दबाते ही WhatsApp (70424 24269) खुलेगा — आपका संदेश तैयार मिलेगा, बस भेजें।
जहाँगीरपुरी में लिंगदोष (स्तंभन दोष) विशेषज्ञ डॉक्टर कहाँ मिलेगा?
जहाँगीरपुरी से सबसे नज़दीकी डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक का द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक है — सेक्टर 9, द्वारका, नई दिल्ली — 110077 (द्वारका सेक्टर 9 मेट्रो स्टेशन (ब्लू लाइन) के पास), लगभग 19 किमी। यहाँ डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD, 28+ साल) परामर्श देते हैं; फ़ीस ₹800। क्लिनिक आ सकें तो आमने-सामने मिलें, वरना ऑनलाइन परामर्श।
Ling me tanav na aane ka ilaj kaise hota hai?
पहले वजह की जाँच — शरीर (शुगर, BP, कोलेस्ट्रॉल, टेस्टोस्टेरोन) या मन (तनाव, डर)। फिर दवा, काउंसलिंग और आयुर्वेद/एलोपैथी का सही मेल। जहाँगीरपुरी के मरीज़ क्लिनिक आएँ या ऑनलाइन परामर्श लें।
जहाँगीरपुरी से बिना किसी को बताए इलाज कैसे शुरू करूँ?
WhatsApp 7042424269 पर समस्या लिखें और तय समय पर क्लिनिक आएँ — लाइन में नहीं लगना पड़ता। आने में असमर्थ हों तो फ़ोन पर परामर्श।
कैसे पता करें कि ED मन से है या शरीर से?
सुबह या हस्तमैथुन में इरेक्शन ठीक हो, अचानक शुरू हुआ हो या किसी ख़ास हालात में ही हो — तो वजह ज़्यादातर मन से है। धीरे-धीरे शुरुआत, सुबह का इरेक्शन बंद और शुगर/BP/धूम्रपान — तो शरीर से। अक्सर दोनों साथ होते हैं।
ED की दवा रोज़ ले सकते हैं?
कुछ पुरुषों को डॉक्टर टाडालाफ़िल की रोज़ की कम डोज़ देते हैं, ताकि हर बार प्लान न करना पड़े। यह फ़ैसला आपकी सेहत और दूसरी दवाएँ देखकर डॉक्टर ही करते हैं।
क्या शुगर से ED होता है?
हाँ। डायबिटीज़ वाले पुरुषों में ED का जोखिम काफ़ी ज़्यादा होता है। शुगर कंट्रोल के साथ इलाज से अच्छा सुधार होता है।
क्या आयुर्वेदिक इलाज असरदार है?
आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ ताक़त और तनाव में मदद करती हैं। हम ज़रूरत के हिसाब से आयुर्वेद और एलोपैथी को मिलाकर इलाज करते हैं।
ED और शीघ्रपतन में क्या फ़र्क़ है?
ED में लिंग में तनाव नहीं आता या टिकता नहीं; शीघ्रपतन में वीर्य जल्दी निकल जाता है। कई बार दोनों साथ होते हैं।
जहाँगीरपुरी के आसपास ED का इलाज
पास के इलाकों के पेज देखें, या दिल्ली NCR में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) का इलाज की पूरी जानकारी पढ़ें।
जहाँगीरपुरी के लिए काम की जानकारी
ED का इलाज है — झिझक छोड़ें
जहाँगीरपुरी से क्लिनिक आकर मिलें; आने में असमर्थ हों तो ऑनलाइन परामर्श लें — पूरी गोपनीयता के साथ।