ED का इलाज वसंत कुंज दवा, काउंसलिंग और जीवनशैली — आयुर्वेद + एलोपैथी
शादी के बाद या उम्र बढ़ने के साथ इरेक्शन कमज़ोर हो रहा है? झिझक छोड़िए — वसंत कुंज से आज ही लिंगदोष (स्तंभन दोष) विशेषज्ञ डॉक्टर से बात करें। सही वजह पकड़ में आए, तो इलाज आसान हो जाता है।
🏥 वसंत कुंज से गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक लगभग 9 किमी है — क्लिनिक आकर डॉक्टर से मिलें। आने में असमर्थ हों, तो घर बैठे ऑनलाइन परामर्श लें।
- आयुर्वेद + एलोपैथी
- MBBS, MD सेक्सोलॉजिस्ट
- पूरी तरह गोपनीय परामर्श
सीधा जवाब: वसंत कुंज में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) का इलाज कहाँ और कैसे?
लोग इसे ‘ling me tanav na aana’ या ‘इरेक्शन की कमज़ोरी’ के नाम से भी खोजते हैं। इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) यानी लिंग में पर्याप्त तनाव न आना या टिक न पाना — यह आम है और ज़्यादातर पुरुषों में इलाज से सुधरता है। वसंत कुंज से सबसे पास हमारा गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक है (लगभग 9 किमी), जहाँ डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD, 28+ साल) परामर्श देते हैं। फ़ीस ₹800। पहली सलाह: क्लिनिक आकर आमने-सामने परामर्श लें — आने में असमर्थ हों, तो वीडियो/फ़ोन पर ऑनलाइन परामर्श।
- परामर्श ₹800
- सैंपल घर से
- दवा घर तक
- नज़दीकी: गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक
जाँच: डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD) · अपडेट: 27 अक्टूबर 2026
स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction) — आसान भाषा में
जब सेक्स के लिए लिंग में पर्याप्त तनाव (इरेक्शन) न आए, या आए पर संबंध पूरा होने तक टिके नहीं — और ऐसा बार-बार, कई हफ़्तों तक हो — तो इसे इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED) या स्तंभन दोष कहते हैं।


इरेक्शन कैसे होता है?
उत्तेजना होने पर दिमाग़ नसों के ज़रिए संकेत भेजता है, लिंग की धमनियाँ फैलती हैं और ख़ून भरने से तनाव आता है। शुगर, BP, धूम्रपान या तनाव इस रास्ते में कहीं भी रुकावट डाल सकते हैं।
भारत में ED कितना आम है?
ED अब सिर्फ़ उम्र का मामला नहीं रहा। दफ़्तर में घंटों बैठे रहना, धूम्रपान, पेट की चर्बी, अधूरी नींद और रोज़ का तनाव — इन्हीं आदतों से 20 और 30 की उम्र के पुरुषों में भी लिंग में तनाव की कमी आम हो रही है। अच्छी बात यह है कि इसी वजह से कई मामलों में आदतें बदलने भर से भी सुधार आता है।
ED के 4 रूप
हल्का (Mild)
कभी-कभार ढीलापन — जीवनशैली सुधारने और सही जानकारी से अक्सर ठीक हो जाता है।
मध्यम (Moderate)
हर दूसरी बार दिक़्क़त — वजह पकड़ने के लिए डॉक्टर से मिलना ज़रूरी।
गंभीर (Severe)
तनाव लगभग नहीं आता — छुपी शुगर, BP या हार्मोन की कमी की जाँच तुरंत करवाएँ।
मन से जुड़ा (Psychogenic)
सुबह का इरेक्शन ठीक आता है, पर संबंध के समय नहीं — डर और तनाव मुख्य वजह।
स्तंभन दोष की असली वजहें
40 के बाद ED में अक्सर शुगर, BP या कोलेस्ट्रॉल छुपे होते हैं; युवाओं में ज़्यादातर तनाव, डर और जीवनशैली। दोनों का इलाज अलग है।
ED को डॉक्टर ‘दिल की खिड़की’ मानते हैं: पतली होने की वजह से लिंग की नलियाँ सबसे पहले बताती हैं कि ख़ून की नलियों में रुकावट शुरू हो रही है। हाई BP, बढ़ा कोलेस्ट्रॉल, शुगर/प्री-डायबिटीज़, धूम्रपान या तंबाकू और पेट का मोटापा — ये सब इन्हीं नलियों को नुक़सान पहुँचाते हैं। इसलिए हम ED के मरीज़ का BP, शुगर और लिपिड ज़रूर देखते हैं।
नलियों की बीमारी (सबसे आम)
हाई BP, कोलेस्ट्रॉल, शुगर और धूम्रपान से लिंग की पतली धमनियों में रुकावट — ED की सबसे बड़ी वजह।
नींद और खर्राटे
कम नींद और स्लीप एपनिया (तेज़ खर्राटे, नींद में साँस रुकना) का ED से गहरा संबंध है; इसका इलाज अक्सर मदद करता है।
हार्मोन
कम टेस्टोस्टेरोन से इच्छा घटती है; थायरॉइड और बढ़ा प्रोलैक्टिन भी असर डालते हैं। लो टेस्टोस्टेरोन की जानकारी →
जिम के स्टेरॉयड
बॉडी बनाने के लिए लिए गए एनाबॉलिक स्टेरॉयड अंडकोष का काम ठप कर देते हैं — युवाओं में ED की बड़ी वजह।
लंबी साइकिलिंग
सख़्त सीट पर घंटों साइकिल चलाने से कुछ लोगों में पेल्विक नसें और नलियाँ दबती हैं।
डायबिटीज़
शुगर नलियों और इरेक्शन की नसों, दोनों को नुक़सान पहुँचाती है; अच्छा शुगर कंट्रोल इसे धीमा या कुछ हद तक ठीक कर सकता है। डायबिटीज़ का इलाज →
कुछ दवाएँ
BP की कुछ दवाएँ (बीटा-ब्लॉकर, थायाज़ाइड), डिप्रेशन की SSRI दवाएँ, एंटीसाइकोटिक, लंबे समय की दर्द-निवारक (ओपिऑयड) दवाएँ।
पोर्न का पैटर्न
बहुत ज़्यादा पोर्न देखने वाले कुछ पुरुषों को असली पार्टनर के साथ उत्तेजना में दिक़्क़त होती है — इसे कम करने पर अक्सर सुधार होता है।
परफ़ॉर्मेंस का डर
एक बार नाकाम होने पर अगली बार का डर — और यही डर उस आराम को रोकता है जो इरेक्शन के लिए ज़रूरी है। यह चक्र असली वजह ख़त्म होने के बाद भी चलता रहता है।
रिश्ते की उलझन
अनसुलझे झगड़े, बातचीत की कमी या नज़दीकी की कमी भी असर डालती है।
शारीरिक या मानसिक — कुछ आसान संकेत
ख़ासकर युवाओं में मन की भूमिका बड़ी होती है, जबकि 40 के बाद ज़्यादातर शरीर की।
🧠 मन से जुड़े होने के संकेत
- अचानक शुरुआत
- सुबह या हस्तमैथुन के समय इरेक्शन सामान्य
- सिर्फ़ ख़ास हालात या किसी एक पार्टनर के साथ दिक़्क़त
- साफ़ तनाव वाली कोई घटना से शुरुआत
🩺 शरीर से जुड़े होने के संकेत
- महीनों-सालों में धीरे-धीरे शुरुआत
- सुबह का इरेक्शन कम या बंद
- हर हालात में दिक़्क़त
- डायबिटीज़, हाई BP या धूम्रपान का इतिहास
कई पुरुषों में दोनों का मेल होता है — शरीर की वजह से एक बार दिक़्क़त हुई, फिर उसका डर बैठ गया। इसलिए अनुमान के बजाय डॉक्टर से एक बार जाँच करवाना बेहतर है।
वसंत कुंज में ED का इलाज: स्थानीय बातें
JNU, बड़े मॉल और एयरपोर्ट के पास बसा वसंत कुंज छात्रों, एयरलाइन स्टाफ़ और कॉर्पोरेट परिवारों का इलाका है।
ऐसे इलाकों में सामाजिक पहचान बहुत मायने रखती है। परामर्श निजी केबिन में होता है, पर्ची पर बीमारी का नाम नहीं लिखा जाता और दवा सादे पैकेट में आती है।
वसंत कुंज या JNU, किशनगढ़ — कहीं से भी गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक पहुँचना आसान है; आने में असमर्थ हों, तो वीडियो पर परामर्श और दवा घर तक।
- JNU
- किशनगढ़
- मसूदपुर
वसंत कुंज — एक नज़र में
- इलाका
- वसंत कुंज (Vasant Kunj)
- ज़िला
- दक्षिण-पश्चिम दिल्ली, दिल्ली
- नज़दीकी क्लिनिक
- गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक (~9 किमी)
- मेट्रो/रास्ता
- छतरपुर / वसंत विहार
- समय
- सोम–शनि 10–8, रविवार अपॉइंटमेंट पर
सेल्फ़-चेक: डॉक्टर से कब मिलें?
जो बातें आप पर लागू हों, उन पर टैप करें। यह कोई जाँच नहीं, बस खुद को समझने का तरीका है — जवाब कहीं सेव नहीं होता।
3 या ज़्यादा “हाँ”? झिझक छोड़ें।
ED आम है और इलाज से सुधरता है। देर करने से डर बढ़ता है, और डर से समस्या — इसलिए आज ही बात करें।
वसंत कुंज से ED के सवाल — सीधे जवाब
“पुरुष रोग विशेषज्ञ डॉक्टर Near me — Vasant Kunj”
वसंत कुंज से सबसे पास गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक है (~9 किमी), मेट्रो: छतरपुर / वसंत विहार। अपॉइंटमेंट लेकर आएँ; आने में असमर्थ हों तो वीडियो परामर्श।
“इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) का इलाज क्या है?”
वजह के हिसाब से — दवा, काउंसलिंग, जीवनशैली और जड़ की बीमारी (शुगर, BP, हार्मोन) का इलाज। ख़ुद से ‘ताक़त की गोली’ न लें।
“लिंग में तनाव न आने का घरेलू उपाय”
रोज़ 30 मिनट तेज़ चलना, सिगरेट छोड़ना, वज़न घटाना, पूरी नींद — इनसे सच में फ़र्क़ पड़ता है; पर 3 महीने से दिक़्क़त हो तो डॉक्टर से मिलें।
“स्तंभन दोष का आयुर्वेदिक इलाज”
अश्वगंधा, शिलाजीत, सफ़ेद मूसली, गोक्षुर जैसी जड़ी-बूटियाँ ताक़त और तनाव में मदद करती हैं — सही मात्रा डॉक्टर बताते हैं।
“Sexologist in Vasant Kunj”
ED के साथ शीघ्रपतन, धात, नाइटफ़ॉल और महिलाओं की यौन समस्याओं के लिए भी परामर्श उपलब्ध है। वसंत कुंज में सेक्सोलॉजिस्ट →
“ED और शीघ्रपतन में फ़र्क़”
ED में लिंग में तनाव नहीं आता या टिकता नहीं; शीघ्रपतन में वीर्य जल्दी निकल जाता है। कई बार दोनों साथ होते हैं। वसंत कुंज में शीघ्रपतन का इलाज →
वसंत कुंज में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) का इलाज — आयुर्वेद + एलोपैथी
हम ‘एक गोली सबके लिए’ नहीं देते। जाँच, दवा, काउंसलिंग और जीवनशैली — आपकी वजह और दिल की सेहत देखकर। कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।
काउंसलिंग
‘फिर से नहीं हुआ तो?’ — यही डर समस्या बढ़ाता है। काउंसलर इस चक्र को तोड़ने में मदद करते हैं।
पेल्विक फ़्लोर व्यायाम
दिन में 2–3 बार 10-10 बार कसना-छोड़ना — बिना किसी उपकरण के, घर पर।
आयुर्वेदिक सहायता
वाजीकरण जड़ी-बूटियाँ, सात्विक आहार और योग — लंबे फ़ायदे के लिए, एलोपैथी के साथ सुरक्षित तालमेल में।
जीवनशैली और व्यायाम
रोज़ 30 मिनट तेज़ चलना, वज़न घटाना, सिगरेट छोड़ना — इरेक्शन पर सीधा असर।
जड़ का इलाज
अगर ED के पीछे छुपी शुगर या हार्मोन की कमी है, तो पहले उसे कंट्रोल किया जाता है — कई बार इतने से ही सुधार आ जाता है।
डॉक्टर की पर्ची से दवा
ज़रूरत हो तो सुरक्षित दवा, सही समय और मात्रा के साथ — दिल की दवा (नाइट्रेट) ले रहे हों तो ये दवाएँ ख़तरनाक हो सकती हैं, इसलिए डॉक्टर ही तय करें।
पहला कदम: आदतें, जो सच में फ़र्क़ डालती हैं
कोई भी दवा तभी पूरा असर करती है जब नींव मज़बूत हो — ये आदतें वही नींव हैं।
- सिगरेट छोड़ें — कुछ महीनों में ही सुधार शुरू हो सकता है।
- शराब कम करें — टेस्टोस्टेरोन और नसें, दोनों बचती हैं।
- हफ़्ते में 150 मिनट व्यायाम — तेज़ चलना या साइकिल — शोध में इरेक्शन बेहतर हुआ।
- तनाव का इलाज — योग, साँस का अभ्यास और ज़रूरत हो तो काउंसलिंग।
- घर का संतुलित खाना — सब्ज़ियाँ, दाल, मछली, मेवे, सरसों/जैतून का तेल; पैकेट वाला खाना कम।
- वज़न घटाएँ — सिर्फ़ 5–10% वज़न कम करना भी मदद करता है।
ED की दवा — ज़रूरी सावधानियाँ
इरेक्शन की आधुनिक दवाएँ (PDE5 इन्हिबिटर — जैसे सिल्डेनाफ़िल, टाडालाफ़िल, वार्डेनाफ़िल, अवानाफ़िल) उत्तेजना होने पर लिंग में ख़ून का बहाव बढ़ाती हैं और लगभग 60–80% पुरुषों में असर करती हैं। लेकिन ये पर्ची वाली दवाएँ हैं, और इसकी ठोस वजहें हैं:
- एंजाइना की नाइट्रेट दवा के साथ कभी नहीं — BP ख़तरनाक रूप से गिर सकता है।
- ऑनलाइन या बिना लाइसेंस की दुकानों पर नकली गोलियाँ भारत में असली ख़तरा हैं — सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची और रजिस्टर्ड फ़ार्मेसी से लें।
- टाडालाफ़िल देर तक असर करती है और रोज़ कम डोज़ में भी दी जा सकती है — जो पुरुष प्लानिंग के बिना सहज रहना चाहते हैं, उनके लिए।
- गंभीर दिल की बीमारी, लो BP या आँख की कुछ बीमारियों में सावधानी ज़रूरी।
हार्मोन और काउंसलिंग
टेस्टोस्टेरोन थेरेपी सिर्फ़ उन्हीं पुरुषों के लिए है जिनमें जाँच से कमी पक्की हो — और जो पिता बनना चाहते हैं, उन्हें यह विशेषज्ञ की सलाह के बिना नहीं लेनी चाहिए। लो टेस्टोस्टेरोन के बारे में पढ़ें →
डर और तनाव वाले ED में बातचीत ही आधा इलाज है — CBT से ‘फिर नहीं हुआ तो?’ वाला चक्र टूटता है, और ज़रूरत हो तो पार्टनर के साथ काउंसलिंग होती है।

केगेल व्यायाम — घर पर, रोज़ 5 मिनट
पेशाब रोकने वाली मांसपेशी को पहचानें, 5 सेकंड कसें, 5 सेकंड छोड़ें — 10 बार, दिन में 2–3 बार। 4–6 हफ़्तों में तनाव टिकने में फ़र्क़ महसूस होने लगता है।

डॉ. युवराज मोंगा
MBBS, MD · फ़ेलोशिप इन डायबिटीज़ (UK) · सेक्सोलॉजिस्ट व डायबेटोलॉजिस्ट · 28+ साल
ED के मरीज़ को अक्सर तीन डॉक्टरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं — सेक्सोलॉजिस्ट, शुगर-BP के डॉक्टर और काउंसलर। डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक में डॉ. युवराज मोंगा (सेक्सोलॉजिस्ट + डायबेटोलॉजिस्ट, UK फ़ेलोशिप) के साथ आयुर्वेदिक डॉक्टर, काउंसलर और आहार विशेषज्ञ एक ही छत के नीचे हैं।
वसंत कुंज और आसपास से आने वाले बहुत से पुरुष डॉ. युवराज मोंगा से पहली बार खुलकर ‘लिंग में तनाव न आने’ की बात कर पाते हैं। उनका तरीका सीधा है — आसान हिंदी, ज़रूरी जाँच, बिना डराए इलाज, और फ़ॉलो-अप।
एक ही जगह पूरी टीम
आहार विशेषज्ञवज़न, शुगर और खान-पान
एलोपैथिक डॉक्टरजाँच और साक्ष्य-आधारित दवा
आयुर्वेदिक डॉक्टरवाजीकरण जड़ी-बूटियाँ
काउंसलरपरफ़ॉर्मेंस का डर, तनाव
ED की जाँच — आसान और निजी
अच्छी जाँच आसान और निजी होती है — ज़्यादातर पुरुषों में बातचीत, BP और 3–4 ब्लड टेस्ट से वजह साफ़ हो जाती है।
बातचीत
समस्या कब से है, कौन-सी दवाएँ लेते हैं, आदतें और रिश्ते की बात — पूरी तरह निजी।
शारीरिक जाँच
BP, वज़न, कमर का नाप, और ज़रूरत हो तो जननांग व प्रोस्टेट की जाँच।
ब्लड टेस्ट
फ़ास्टिंग शुगर या HbA1c, लिपिड प्रोफ़ाइल, सुबह का टेस्टोस्टेरोन, थायरॉइड, कभी-कभी प्रोलैक्टिन।
दिल की जाँच
जोखिम ज़्यादा हो तो ECG या आगे की कार्डियक जाँच।
घर बैठे जाँच — सैंपल घर से
हर किसी को सारे टेस्ट नहीं चाहिए — डॉक्टर बातचीत के बाद ही तय करते हैं। टेस्ट के लिए भी हमारे डॉक्टर से बात करें — टेस्ट की जानकारी और घर से सैंपल कलेक्शन हम उपलब्ध कराते हैं। घबराने की ज़रूरत नहीं; घर बैठे इलाज के लिए संपर्क करें।
- पेनाइल डॉप्लर (ज़रूरत पर)जब दवा से फ़ायदा न हो, तब नसों की स्थिति देखने के लिए।
- लिपिड प्रोफ़ाइलख़ून की नलियों में रुकावट का शुरुआती संकेत।
- ब्लड शुगर (FBS / HbA1c)शुगर पता चल जाए तो ED और दिल, दोनों को बचाया जा सकता है।
इनमें से एक भी बात हो, तो देर न करें
🏥 वसंत कुंज से गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक (~9 किमी) आकर मिलें; आने में असमर्थ हों तो ऑनलाइन परामर्श। अपॉइंटमेंट लें →
ED के ये भ्रम सच नहीं हैं
| आम भ्रम | असल सच |
|---|---|
| तेल-मालिश या स्प्रे से ठीक हो जाएगा। | बाहर से लगाने वाली चीज़ें ख़ून के बहाव या हार्मोन की वजह को ठीक नहीं करतीं। |
| एक बार दवा शुरू की तो हमेशा खानी पड़ेगी। | वजह ठीक होने पर (जैसे शुगर कंट्रोल, वज़न कम) कई पुरुषों की दवा धीरे-धीरे कम या बंद हो जाती है। |
| यह सिर्फ़ मन का वहम है। | ज़्यादातर मामलों में कोई शारीरिक वजह भी होती है — इसलिए जाँच ज़रूरी। |
| ‘ताक़त की गोली’ ही इलाज है। | बिना जाँच की गोली से BP गिरना, दिल पर असर जैसे ख़तरे हैं — और असली वजह (जैसे शुगर) छुपी रह जाती है। |
रोज़ की आदतें, जो इरेक्शन बेहतर करती हैं
- पार्टनर से खुलकर बात — दबाव कम हो तो इरेक्शन ख़ुद सुधरता है।
- पेट की चर्बी घटाएँ — वज़न 5–10% घटने से भी फ़र्क़ दिखता है।
- 7–8 घंटे की नींद — नींद में ही टेस्टोस्टेरोन बनता है।
- हरी सब्ज़ियाँ, फल, मेवे — चुकंदर, अनार, अखरोट, पालक — नलियों के लिए अच्छे।
वसंत कुंज से नज़दीकी ED क्लिनिक
वसंत कुंज से गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक आने के लिए मेट्रो — छतरपुर / वसंत विहार सबसे आसान है। WhatsApp 7042424269 पर समय तय करके आएँ — इंतज़ार नहीं, भीड़ नहीं।
वसंत कुंज से सबसे नज़दीकगुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक
DLF 4 गैलेरिया मार्केट, गुरुग्राम — 122009
🚇 DLF फ़ेज़ 4, एमजी रोड/सिकंदरपुर मेट्रो से नज़दीक
वसंत कुंज से लगभग 9 किमी

लाजपत नगर 4 क्लिनिक
लाजपत नगर 4, नई दिल्ली — 110024
🚇 मूलचंद मेट्रो (वायलेट लाइन) से लगभग 100 मीटर
वसंत कुंज से लगभग 9 किमी

द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक
सेक्टर 9, द्वारका, नई दिल्ली — 110077
🚇 द्वारका सेक्टर 9 मेट्रो स्टेशन (ब्लू लाइन) के पास
वसंत कुंज से लगभग 11 किमी
समय: सोम–शनि सुबह 10 – शाम 8 · रविवार: अपॉइंटमेंट पर · ऑनलाइन परामर्श सातों दिन
वसंत कुंज से ED पर गोपनीय सलाह लें
नाम, नंबर और समस्या — बस इतना। संदेश सीधे क्लिनिक के WhatsApp (70424 24269) पर जाता है।
- घर से सैंपल कलेक्शन
- MBBS, MD सेक्सोलॉजिस्ट
- दवा की गोपनीय होम डिलीवरी
बटन दबाते ही WhatsApp (70424 24269) खुलेगा — आपका संदेश तैयार मिलेगा, बस भेजें।
वसंत कुंज में लिंगदोष (स्तंभन दोष) विशेषज्ञ डॉक्टर कहाँ मिलेगा?
वसंत कुंज से सबसे नज़दीकी डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक का गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक है — DLF 4 गैलेरिया मार्केट, गुरुग्राम — 122009 (DLF फ़ेज़ 4, एमजी रोड/सिकंदरपुर मेट्रो से नज़दीक), लगभग 9 किमी। यहाँ डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD, 28+ साल) परामर्श देते हैं; फ़ीस ₹800। क्लिनिक आ सकें तो आमने-सामने मिलें, वरना ऑनलाइन परामर्श।
लिंग में तनाव न आने का इलाज क्या है?
लिंग में तनाव न आना ही इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED) है। इलाज वजह के हिसाब से होता है — शुगर, BP या हार्मोन की जाँच, डॉक्टर की पर्ची से सुरक्षित दवा, काउंसलिंग और जीवनशैली में बदलाव। वसंत कुंज से गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक में परामर्श ₹800।
वसंत कुंज से आने वाले मरीज़ों की जानकारी गोपनीय रहती है?
हाँ। निजी केबिन में परामर्श, पर्ची पर बीमारी का नाम नहीं, और दवा सादे पैकेट में।
क्या ED हार्ट अटैक का पहला संकेत हो सकता है?
हाँ। लिंग की धमनियाँ बहुत पतली (1–2 मिमी) होती हैं, इसलिए नलियों की बीमारी का असर यहाँ पहले दिखता है — ED अक्सर हार्ट अटैक या स्ट्रोक से 2–5 साल पहले शुरू होता है। 40 के बाद नया ED हो तो दिल और शुगर की जाँच करवाएँ।
ED की दवा रोज़ ले सकते हैं?
कुछ पुरुषों को डॉक्टर टाडालाफ़िल की रोज़ की कम डोज़ देते हैं, ताकि हर बार प्लान न करना पड़े। यह फ़ैसला आपकी सेहत और दूसरी दवाएँ देखकर डॉक्टर ही करते हैं।
इलाज की जानकारी गोपनीय रहती है?
हाँ। पर्ची और पैकेट पर बीमारी का नाम नहीं लिखा जाता, और आपकी जानकारी किसी से साझा नहीं होती।
ED और शीघ्रपतन में क्या फ़र्क़ है?
ED में लिंग में तनाव नहीं आता या टिकता नहीं; शीघ्रपतन में वीर्य जल्दी निकल जाता है। कई बार दोनों साथ होते हैं।
क्या शुगर से ED होता है?
हाँ। डायबिटीज़ वाले पुरुषों में ED का जोखिम काफ़ी ज़्यादा होता है। शुगर कंट्रोल के साथ इलाज से अच्छा सुधार होता है।
क्या ऑनलाइन इलाज हो सकता है?
हाँ। क्लिनिक आ सकें तो आमने-सामने मिलना बेहतर है; आने में असमर्थ हों तो वीडियो/फ़ोन पर परामर्श, सैंपल घर से और दवा घर तक।
वसंत कुंज के आसपास ED का इलाज
पास के इलाकों के पेज देखें, या दिल्ली NCR में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) का इलाज की पूरी जानकारी पढ़ें।
वसंत कुंज के लिए काम की जानकारी
ED का इलाज है — झिझक छोड़ें
वसंत कुंज से क्लिनिक आकर मिलें; आने में असमर्थ हों तो ऑनलाइन परामर्श लें — पूरी गोपनीयता के साथ।