छोटा जवाब: भोरगढ़ से लिंग में तनाव न आने का इलाज कैसे शुरू करें?
‘लिंगदोष’, ‘स्तंभन दोष’ और ‘इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED)’ — तीनों एक ही समस्या के नाम हैं। इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) यानी लिंग में पर्याप्त तनाव न आना या टिक न पाना — यह आम है और ज़्यादातर पुरुषों में इलाज से सुधरता है। भोरगढ़ से सबसे पास हमारा द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक है (लगभग 26 किमी), जहाँ डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD, 28+ साल) परामर्श देते हैं। फ़ीस ₹800। पहली सलाह: क्लिनिक आकर आमने-सामने परामर्श लें — आने में असमर्थ हों, तो वीडियो/फ़ोन पर ऑनलाइन परामर्श।
जाँच: डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD) · अपडेट: 27 अक्टूबर 2026
भोरगढ़ में ED का इलाज: स्थानीय बातें
नरेला-बवाना औद्योगिक बेल्ट के बीच भोरगढ़ में फ़ैक्टरियाँ और मज़दूर बस्तियाँ हैं।
शिफ़्ट, थकान, तंबाकू और नींद की कमी — फ़ैक्टरी में काम करने वालों में ED की ये आम वजहें हैं। छुट्टी के दिन एक बार क्लिनिक आएँ, बाकी फ़ॉलो-अप फ़ोन पर।
नरेला, बवाना और होलंबी से भी पुरुष हमारे पास आते हैं — ज़्यादातर पहले WhatsApp पर समय तय करते हैं, फिर द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक आते हैं।
- नरेला
- बवाना
- होलंबी
भोरगढ़ — एक नज़र में
- इलाका
- भोरगढ़ (Bhorgarh)
- ज़िला
- उत्तर-पश्चिम दिल्ली, दिल्ली
- नज़दीकी क्लिनिक
- द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक (~26 किमी)
- मेट्रो/रास्ता
- सड़क मार्ग / ऑनलाइन परामर्श
- समय
- सोम–शनि 10–8, रविवार अपॉइंटमेंट पर
स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction) — आसान भाषा में
जब सेक्स के लिए लिंग में पर्याप्त तनाव (इरेक्शन) न आए, या आए पर संबंध पूरा होने तक टिके नहीं — और ऐसा बार-बार, कई हफ़्तों तक हो — तो इसे इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED) या स्तंभन दोष कहते हैं।


इरेक्शन कैसे होता है?
इरेक्शन असल में ‘ख़ून के बहाव’ का खेल है — इसलिए ED को अक्सर दिल और नसों की सेहत का आईना कहा जाता है। 40 के बाद ED हो, तो शुगर और BP की जाँच ज़रूर करवाएँ।
क्या सिर्फ़ आपको ही यह समस्या है? बिल्कुल नहीं
ED अब सिर्फ़ उम्र का मामला नहीं रहा। दफ़्तर में घंटों बैठे रहना, धूम्रपान, पेट की चर्बी, अधूरी नींद और रोज़ का तनाव — इन्हीं आदतों से 20 और 30 की उम्र के पुरुषों में भी लिंग में तनाव की कमी आम हो रही है। अच्छी बात यह है कि इसी वजह से कई मामलों में आदतें बदलने भर से भी सुधार आता है।
ED के 4 रूप
हल्का (Mild)
कभी-कभार ढीलापन — जीवनशैली सुधारने और सही जानकारी से अक्सर ठीक हो जाता है।
मध्यम (Moderate)
हर दूसरी बार दिक़्क़त — वजह पकड़ने के लिए डॉक्टर से मिलना ज़रूरी।
गंभीर (Severe)
तनाव लगभग नहीं आता — छुपी शुगर, BP या हार्मोन की कमी की जाँच तुरंत करवाएँ।
मन से जुड़ा (Psychogenic)
सुबह का इरेक्शन ठीक आता है, पर संबंध के समय नहीं — डर और तनाव मुख्य वजह।
क्या आपको ED है? खुद जाँचें
जो बातें आप पर लागू हों, उन पर टैप करें। यह कोई जाँच नहीं, बस खुद को समझने का तरीका है — जवाब कहीं सेव नहीं होता।
3 या ज़्यादा “हाँ”? झिझक छोड़ें।
डॉक्टर से 15 मिनट की बातचीत और 1–2 जाँच से साफ़ हो जाता है कि वजह शरीर में है, मन में या दोनों में — और उसी हिसाब से इलाज।
ED की जाँच — आसान और निजी
जाँच का मक़सद डराना नहीं, यह पक्का करना है कि ED के पीछे कोई छुपी शुगर, BP, कोलेस्ट्रॉल या हार्मोन की कमी तो नहीं।
बातचीत
समस्या कब से है, कौन-सी दवाएँ लेते हैं, आदतें और रिश्ते की बात — पूरी तरह निजी।
शारीरिक जाँच
BP, वज़न, कमर का नाप, और ज़रूरत हो तो जननांग व प्रोस्टेट की जाँच।
ब्लड टेस्ट
फ़ास्टिंग शुगर या HbA1c, लिपिड प्रोफ़ाइल, सुबह का टेस्टोस्टेरोन, थायरॉइड, कभी-कभी प्रोलैक्टिन।
दिल की जाँच
जोखिम ज़्यादा हो तो ECG या आगे की कार्डियक जाँच।
टेस्ट के लिए भी डॉक्टर से बात करें
जाँच का मक़सद डराना नहीं, छुपी वजह (जैसे शुगर या टेस्टोस्टेरोन की कमी) पकड़ना है। टेस्ट के लिए भी हमारे डॉक्टर से बात करें — टेस्ट की जानकारी और घर से सैंपल कलेक्शन हम उपलब्ध कराते हैं। घबराने की ज़रूरत नहीं; घर बैठे इलाज के लिए संपर्क करें।
- लिपिड प्रोफ़ाइलख़ून की नलियों में रुकावट का शुरुआती संकेत।
- टेस्टोस्टेरोनसुबह का सैंपल सबसे सही — थकान और कम इच्छा की वजह भी यही हो सकती है।
- ब्लड शुगर (FBS / HbA1c)शुगर पता चल जाए तो ED और दिल, दोनों को बचाया जा सकता है।
- थायरॉइड (TSH) / प्रोलैक्टिनहार्मोन असंतुलन की जाँच।
- पेनाइल डॉप्लर (ज़रूरत पर)लिंग की नसों में ख़ून का बहाव — सिर्फ़ चुनिंदा मामलों में।
भोरगढ़ से कब लें ED का परामर्श?
🏥 भोरगढ़ से द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक (~26 किमी) आकर मिलें; आने में असमर्थ हों तो ऑनलाइन परामर्श। अपॉइंटमेंट लें →
भोरगढ़ से ED के सवाल — सीधे जवाब
“पुरुष रोग विशेषज्ञ डॉक्टर Near me — Bhorgarh”
भोरगढ़ से सबसे पास द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक है (~26 किमी)। अपॉइंटमेंट लेकर आएँ; आने में असमर्थ हों तो वीडियो परामर्श।
“Ling me tanav na aane ka ilaj — Bhorgarh”
लिंग में तनाव न आना = ED। भोरगढ़ से इलाज: शुगर-हार्मोन जाँच, डॉक्टर की पर्ची से सुरक्षित दवा, काउंसलिंग और जीवनशैली — परामर्श ₹800।
“स्तंभन दोष का आयुर्वेदिक इलाज”
अश्वगंधा, शिलाजीत, सफ़ेद मूसली, गोक्षुर जैसी जड़ी-बूटियाँ ताक़त और तनाव में मदद करती हैं — सही मात्रा डॉक्टर बताते हैं।
“लिंग में तनाव न आने का घरेलू उपाय”
रोज़ 30 मिनट तेज़ चलना, सिगरेट छोड़ना, वज़न घटाना, पूरी नींद — इनसे सच में फ़र्क़ पड़ता है; पर 3 महीने से दिक़्क़त हो तो डॉक्टर से मिलें।
“ED treatment cost in Delhi”
सेक्सोलॉजिस्ट परामर्श ₹800 है (क्लिनिक या ऑनलाइन)। जाँच और दवा का ख़र्च पहले बता दिया जाता है — कोई ‘पैकेज’ नहीं।
“Sexologist in Bhorgarh”
ED के साथ शीघ्रपतन, धात, नाइटफ़ॉल और महिलाओं की यौन समस्याओं के लिए भी परामर्श उपलब्ध है। बवाना में सेक्सोलॉजिस्ट →
स्तंभन दोष की असली वजहें
40 के बाद ED में अक्सर शुगर, BP या कोलेस्ट्रॉल छुपे होते हैं; युवाओं में ज़्यादातर तनाव, डर और जीवनशैली। दोनों का इलाज अलग है।
ED को डॉक्टर ‘दिल की खिड़की’ मानते हैं: पतली होने की वजह से लिंग की नलियाँ सबसे पहले बताती हैं कि ख़ून की नलियों में रुकावट शुरू हो रही है। हाई BP, बढ़ा कोलेस्ट्रॉल, शुगर/प्री-डायबिटीज़, धूम्रपान या तंबाकू और पेट का मोटापा — ये सब इन्हीं नलियों को नुक़सान पहुँचाते हैं। इसलिए हम ED के मरीज़ का BP, शुगर और लिपिड ज़रूर देखते हैं।
नलियों की बीमारी (सबसे आम)
हाई BP, कोलेस्ट्रॉल, शुगर और धूम्रपान से लिंग की पतली धमनियों में रुकावट — ED की सबसे बड़ी वजह।
जिम के स्टेरॉयड
बॉडी बनाने के लिए लिए गए एनाबॉलिक स्टेरॉयड अंडकोष का काम ठप कर देते हैं — युवाओं में ED की बड़ी वजह।
नसों से जुड़ी बीमारियाँ
रीढ़ की चोट, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, पार्किंसन, या प्रोस्टेट/आँत की सर्जरी के बाद नसों का नुक़सान।
मोटापा और बैठे रहना
पेट की चर्बी टेस्टोस्टेरोन घटाती है और नलियाँ बिगाड़ती है; कम फ़िटनेस अपने आप में ED का जोखिम है।
शराब और सिगरेट
सिगरेट नलियों की अंदरूनी परत को सीधे नुक़सान पहुँचाती है; रोज़ ज़्यादा शराब टेस्टोस्टेरोन घटाती है और नसें कमज़ोर करती है।
डायबिटीज़
शुगर नलियों और इरेक्शन की नसों, दोनों को नुक़सान पहुँचाती है; अच्छा शुगर कंट्रोल इसे धीमा या कुछ हद तक ठीक कर सकता है। डायबिटीज़ का इलाज →
परफ़ॉर्मेंस का डर
एक बार नाकाम होने पर अगली बार का डर — और यही डर उस आराम को रोकता है जो इरेक्शन के लिए ज़रूरी है। यह चक्र असली वजह ख़त्म होने के बाद भी चलता रहता है।
तनाव और डिप्रेशन
काम का दबाव, पैसों की चिंता और उदासी इच्छा व इरेक्शन दोनों घटाते हैं; डिप्रेशन और ED एक-दूसरे को बढ़ाते हैं।
पोर्न का पैटर्न
बहुत ज़्यादा पोर्न देखने वाले कुछ पुरुषों को असली पार्टनर के साथ उत्तेजना में दिक़्क़त होती है — इसे कम करने पर अक्सर सुधार होता है।
रिश्ते की उलझन
अनसुलझे झगड़े, बातचीत की कमी या नज़दीकी की कमी भी असर डालती है।
ED मन से है या शरीर से? ऐसे पहचानें
ख़ासकर युवाओं में मन की भूमिका बड़ी होती है, जबकि 40 के बाद ज़्यादातर शरीर की।
🧠 मन से जुड़े होने के संकेत
- अचानक शुरुआत
- सुबह या हस्तमैथुन के समय इरेक्शन सामान्य
- सिर्फ़ ख़ास हालात या किसी एक पार्टनर के साथ दिक़्क़त
- साफ़ तनाव वाली कोई घटना से शुरुआत
🩺 शरीर से जुड़े होने के संकेत
- महीनों-सालों में धीरे-धीरे शुरुआत
- सुबह का इरेक्शन कम या बंद
- हर हालात में दिक़्क़त
- डायबिटीज़, हाई BP या धूम्रपान का इतिहास
कई पुरुषों में दोनों का मेल होता है — शरीर की वजह से एक बार दिक़्क़त हुई, फिर उसका डर बैठ गया। इसलिए अनुमान के बजाय डॉक्टर से एक बार जाँच करवाना बेहतर है।
आत्मविश्वास वापस पाने का पूरा प्लान
हम ‘एक गोली सबके लिए’ नहीं देते। जाँच, दवा, काउंसलिंग और जीवनशैली — आपकी वजह और दिल की सेहत देखकर। कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।
मेडिकल इलाज
- डॉक्टर की पर्ची से दवाख़ून का बहाव बढ़ाने वाली आधुनिक दवाएँ — आपकी उम्र, दिल, BP और दूसरी दवाओं को देखकर सही मात्रा में। ख़ुद से कभी न लें।
- जड़ का इलाजअगर ED के पीछे छुपी शुगर या हार्मोन की कमी है, तो पहले उसे कंट्रोल किया जाता है — कई बार इतने से ही सुधार आ जाता है।
- काउंसलिंगपरफ़ॉर्मेंस का डर, तनाव और रिश्ते की खटास — बिना जजमेंट बातचीत, ज़रूरत हो तो पार्टनर के साथ।
आयुर्वेद और जीवनशैली
- आयुर्वेदिक सहायताअश्वगंधा, शिलाजीत, सफ़ेद मूसली, गोक्षुर — ताक़त और तनाव के लिए, डॉक्टर की सलाह से सही मात्रा में।
- जीवनशैली और व्यायामरोज़ 30 मिनट तेज़ चलना, वज़न घटाना, सिगरेट छोड़ना — इरेक्शन पर सीधा असर।
- पेल्विक फ़्लोर व्यायामदिन में 2–3 बार 10-10 बार कसना-छोड़ना — बिना किसी उपकरण के, घर पर।

जीवनशैली — इलाज की नींव
कोई भी दवा तभी पूरा असर करती है जब नींव मज़बूत हो — ये आदतें वही नींव हैं।
- 7–8 घंटे की नींद — तेज़ खर्राटे आते हों तो स्लीप एपनिया की जाँच करवाएँ।
- हफ़्ते में 150 मिनट व्यायाम — तेज़ चलना या साइकिल — शोध में इरेक्शन बेहतर हुआ।
- सिगरेट छोड़ें — कुछ महीनों में ही सुधार शुरू हो सकता है।
- घर का संतुलित खाना — सब्ज़ियाँ, दाल, मछली, मेवे, सरसों/जैतून का तेल; पैकेट वाला खाना कम।
- वज़न घटाएँ — सिर्फ़ 5–10% वज़न कम करना भी मदद करता है।
- तनाव का इलाज — योग, साँस का अभ्यास और ज़रूरत हो तो काउंसलिंग।
- शराब कम करें — टेस्टोस्टेरोन और नसें, दोनों बचती हैं।
- शुगर-BP-कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल — दवा समय पर, जाँच नियमित।
दवा: असरदार, पर पर्ची से ही
इरेक्शन की आधुनिक दवाएँ (PDE5 इन्हिबिटर — जैसे सिल्डेनाफ़िल, टाडालाफ़िल, वार्डेनाफ़िल, अवानाफ़िल) उत्तेजना होने पर लिंग में ख़ून का बहाव बढ़ाती हैं और लगभग 60–80% पुरुषों में असर करती हैं। लेकिन ये पर्ची वाली दवाएँ हैं, और इसकी ठोस वजहें हैं:
- एंजाइना की नाइट्रेट दवा के साथ कभी नहीं — BP ख़तरनाक रूप से गिर सकता है।
- ऑनलाइन या बिना लाइसेंस की दुकानों पर नकली गोलियाँ भारत में असली ख़तरा हैं — सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची और रजिस्टर्ड फ़ार्मेसी से लें।
- गंभीर दिल की बीमारी, लो BP या आँख की कुछ बीमारियों में सावधानी ज़रूरी।
हार्मोन और काउंसलिंग
हार्मोन का इलाज तभी, जब सुबह के टेस्टोस्टेरोन टेस्ट में कमी साबित हो; बच्चा प्लान कर रहे हों तो यह थेरेपी ख़ुद से कभी न लें। लो टेस्टोस्टेरोन के बारे में पढ़ें →
डर और तनाव वाले ED में बातचीत ही आधा इलाज है — CBT से ‘फिर नहीं हुआ तो?’ वाला चक्र टूटता है, और ज़रूरत हो तो पार्टनर के साथ काउंसलिंग होती है।

रोज़ 30 मिनट तेज़ चलना
ख़ून का बहाव बढ़ाने का सबसे सस्ता तरीका — शोध बताते हैं कि नियमित एरोबिक व्यायाम से ED में साफ़ सुधार होता है।
भोरगढ़ से नज़दीकी ED क्लिनिक
भोरगढ़ से द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक आने के लिए सड़क मार्ग सबसे आसान है। WhatsApp 7042424269 पर समय तय करके आएँ — इंतज़ार नहीं, भीड़ नहीं।
भोरगढ़ से सबसे नज़दीकद्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक
सेक्टर 9, द्वारका, नई दिल्ली — 110077
🚇 द्वारका सेक्टर 9 मेट्रो स्टेशन (ब्लू लाइन) के पास
भोरगढ़ से लगभग 26 किमी

लाजपत नगर 4 क्लिनिक
लाजपत नगर 4, नई दिल्ली — 110024
🚇 मूलचंद मेट्रो (वायलेट लाइन) से लगभग 100 मीटर
भोरगढ़ से लगभग 30 किमी

गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक
DLF 4 गैलेरिया मार्केट, गुरुग्राम — 122009
🚇 DLF फ़ेज़ 4, एमजी रोड/सिकंदरपुर मेट्रो से नज़दीक
भोरगढ़ से लगभग 38 किमी
समय: सोम–शनि सुबह 10 – शाम 8 · रविवार: अपॉइंटमेंट पर · ऑनलाइन परामर्श सातों दिन

डॉ. युवराज मोंगा
MBBS, MD · फ़ेलोशिप इन डायबिटीज़ (UK) · सेक्सोलॉजिस्ट व डायबेटोलॉजिस्ट · 28+ साल
ED के मरीज़ को अक्सर तीन डॉक्टरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं — सेक्सोलॉजिस्ट, शुगर-BP के डॉक्टर और काउंसलर। डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक में डॉ. युवराज मोंगा (सेक्सोलॉजिस्ट + डायबेटोलॉजिस्ट, UK फ़ेलोशिप) के साथ आयुर्वेदिक डॉक्टर, काउंसलर और आहार विशेषज्ञ एक ही छत के नीचे हैं।
लिंगदोष (स्तंभन दोष) के विशेषज्ञ के तौर पर डॉ. युवराज मोंगा ‘एक गोली सबके लिए’ नहीं देते — उम्र, दिल की सेहत और दूसरी दवाओं को देखकर ही इलाज तय करते हैं, ताकि फ़ायदा सुरक्षित भी हो और टिकाऊ भी।
एक ही जगह पूरी टीम
आहार विशेषज्ञवज़न, शुगर और खान-पान
काउंसलरपरफ़ॉर्मेंस का डर, तनाव
आयुर्वेदिक डॉक्टरवाजीकरण जड़ी-बूटियाँ
एलोपैथिक डॉक्टरजाँच और साक्ष्य-आधारित दवाअपनी समस्या लिखें — जवाब WhatsApp पर
नाम, नंबर और समस्या — बस इतना। संदेश सीधे क्लिनिक के WhatsApp (70424 24269) पर जाता है।
- MBBS, MD सेक्सोलॉजिस्ट
- घर से सैंपल कलेक्शन
- परामर्श ₹800
बटन दबाते ही WhatsApp (70424 24269) खुलेगा — आपका संदेश तैयार मिलेगा, बस भेजें।
भोरगढ़ में लिंगदोष (स्तंभन दोष) विशेषज्ञ डॉक्टर कहाँ मिलेगा?
भोरगढ़ से सबसे नज़दीकी डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक का द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक है — सेक्टर 9, द्वारका, नई दिल्ली — 110077 (द्वारका सेक्टर 9 मेट्रो स्टेशन (ब्लू लाइन) के पास), लगभग 26 किमी। यहाँ डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD, 28+ साल) परामर्श देते हैं; फ़ीस ₹800। क्लिनिक आ सकें तो आमने-सामने मिलें, वरना ऑनलाइन परामर्श।
Ling me tanav na aane ka ilaj kaise hota hai?
पहले वजह की जाँच — शरीर (शुगर, BP, कोलेस्ट्रॉल, टेस्टोस्टेरोन) या मन (तनाव, डर)। फिर दवा, काउंसलिंग और आयुर्वेद/एलोपैथी का सही मेल। भोरगढ़ के मरीज़ क्लिनिक आएँ या ऑनलाइन परामर्श लें।
शिफ़्ट में काम करता हूँ, छुट्टी नहीं मिलती — क्या करूँ?
छुट्टी वाले दिन एक बार क्लिनिक आएँ; फ़ॉलो-अप फ़ोन पर किसी भी शिफ़्ट के हिसाब से हो जाते हैं।
क्या टेस्टोस्टेरोन का इंजेक्शन ED का इलाज है?
सिर्फ़ तभी, जब जाँच में टेस्टोस्टेरोन कम निकले। बच्चा प्लान कर रहे हों तो यह थेरेपी विशेषज्ञ की सलाह के बिना न लें, क्योंकि यह स्पर्म बनना कम कर सकती है।
ED की दवा रोज़ ले सकते हैं?
कुछ पुरुषों को डॉक्टर टाडालाफ़िल की रोज़ की कम डोज़ देते हैं, ताकि हर बार प्लान न करना पड़े। यह फ़ैसला आपकी सेहत और दूसरी दवाएँ देखकर डॉक्टर ही करते हैं।
कौन-सी BP या डिप्रेशन की दवाएँ ED कर सकती हैं?
कुछ बीटा-ब्लॉकर, थायाज़ाइड, SSRI दवाएँ, एंटीसाइकोटिक और लंबे समय की ओपिऑयड दवाएँ। लेकिन कोई दवा ख़ुद से बंद न करें — डॉक्टर अक्सर कम साइड-इफ़ेक्ट वाला विकल्प दे सकते हैं।
सेक्सोलॉजिस्ट की फ़ीस कितनी है?
परामर्श ₹800 है — क्लिनिक में या ऑनलाइन। जाँच और दवा का ख़र्च पहले बता दिया जाता है।
क्या ED पूरी तरह ठीक हो सकता है?
ज़्यादातर मामलों में हाँ, या इतना सुधार कि सामान्य जीवन जी सकें — ख़ासकर जब वजह का इलाज और जीवनशैली में बदलाव साथ चलें।
ED की दवा ख़ुद से ले सकते हैं?
नहीं। दिल की दवा (नाइट्रेट), कम BP या दूसरी बीमारियों में ये दवाएँ ख़तरनाक हो सकती हैं। मात्रा और सही दवा डॉक्टर ही तय करें।
क्या ऑनलाइन इलाज हो सकता है?
हाँ। क्लिनिक आ सकें तो आमने-सामने मिलना बेहतर है; आने में असमर्थ हों तो वीडियो/फ़ोन पर परामर्श, सैंपल घर से और दवा घर तक।
भोरगढ़ के लिए काम की जानकारी
भोरगढ़ के आसपास ED का इलाज
पास के इलाकों के पेज देखें, या दिल्ली NCR में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) का इलाज की पूरी जानकारी पढ़ें।
ED का इलाज है — झिझक छोड़ें
भोरगढ़ से क्लिनिक आकर मिलें; आने में असमर्थ हों तो ऑनलाइन परामर्श लें — पूरी गोपनीयता के साथ।