छोटा जवाब: गाज़ियाबाद से लिंग में तनाव न आने का इलाज कैसे शुरू करें?
‘लिंगदोष’, ‘स्तंभन दोष’ और ‘इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED)’ — तीनों एक ही समस्या के नाम हैं। इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) यानी लिंग में पर्याप्त तनाव न आना या टिक न पाना — यह आम है और ज़्यादातर पुरुषों में इलाज से सुधरता है। गाज़ियाबाद से सबसे पास हमारा लाजपत नगर 4 क्लिनिक है (लगभग 24 किमी), जहाँ डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD, 28+ साल) परामर्श देते हैं। फ़ीस ₹800। पहली सलाह: क्लिनिक आकर आमने-सामने परामर्श लें — आने में असमर्थ हों, तो वीडियो/फ़ोन पर ऑनलाइन परामर्श।
- डॉक्टर
- डॉ. युवराज मोंगा, MBBS, MD — 28+ साल
- इलाज
- जाँच + दवा + काउंसलिंग + जीवनशैली
- फ़ीस
- ₹800 (क्लिनिक या ऑनलाइन)
- नज़दीकी
- लाजपत नगर 4 क्लिनिक (~24 किमी)
जाँच: डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD) · अपडेट: 27 अक्टूबर 2026
गाज़ियाबाद और आसपास से गोपनीय इलाज
दिल्ली से सटा गाज़ियाबाद रेड और ब्लू लाइन से जुड़ा है, और यहाँ के उद्योगों व कॉलेजों में लाखों लोग हैं।
बड़े शहर में डॉक्टर बहुत हैं, पर ED के सही विशेषज्ञ कम। दिल्ली आ सकें तो क्लिनिक आएँ, वरना पहले फ़ोन पर सलाह लें।
गाज़ियाबाद या राजनगर, कविनगर — कहीं से भी लाजपत नगर 4 क्लिनिक पहुँचना आसान है; आने में असमर्थ हों, तो वीडियो पर परामर्श और दवा घर तक।
- राजनगर
- कविनगर
- नेहरू नगर
गाज़ियाबाद — एक नज़र में
- इलाका
- गाज़ियाबाद (Ghaziabad)
- ज़िला
- गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश
- नज़दीकी क्लिनिक
- लाजपत नगर 4 क्लिनिक (~24 किमी)
- मेट्रो/रास्ता
- शहीद स्थल (रेड लाइन)
- समय
- सोम–शनि 10–8, रविवार अपॉइंटमेंट पर
स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction) — आसान भाषा में
जब सेक्स के लिए लिंग में पर्याप्त तनाव (इरेक्शन) न आए, या आए पर संबंध पूरा होने तक टिके नहीं — और ऐसा बार-बार, कई हफ़्तों तक हो — तो इसे इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED) या स्तंभन दोष कहते हैं।

क्या सिर्फ़ आपको ही यह समस्या है? बिल्कुल नहीं
भारत में हुए अध्ययनों के मुताबिक़ लगभग 20 से 40 प्रतिशत पुरुष किसी न किसी हद तक इरेक्शन की दिक़्क़त बताते हैं, और 40 की उम्र के बाद यह तेज़ी से बढ़ती है। अब यह कम उम्र में भी दिखने लगा है — दिल्ली NCR में 25–35 साल के पुरुष भी आते हैं, ज़्यादातर लंबे घंटे बैठकर काम, सिगरेट, मोटापा, कम नींद, लगातार तनाव और शराब की वजह से।
ED के 4 रूप
हल्का (Mild)
ज़्यादातर बार इरेक्शन ठीक, पर कभी-कभी कमज़ोर — अक्सर तनाव, थकान या नींद की कमी।
मध्यम (Moderate)
आधे मौक़ों पर तनाव नहीं आता या टिकता नहीं — जाँच और इलाज ज़रूरी।
गंभीर (Severe)
लगभग कभी पर्याप्त तनाव नहीं — शुगर, नसों या हार्मोन की बड़ी वजह हो सकती है।
स्थिति-विशेष (Situational)
अकेले/सुबह ठीक, पर पार्टनर के साथ नहीं — ज़्यादातर मन से जुड़ा, काउंसलिंग से सुधार।
सेल्फ़-चेक: डॉक्टर से कब मिलें?
जो बातें आप पर लागू हों, उन पर टैप करें। यह कोई जाँच नहीं, बस खुद को समझने का तरीका है — जवाब कहीं सेव नहीं होता।
3 या ज़्यादा “हाँ”? झिझक छोड़ें।
डॉक्टर से 15 मिनट की बातचीत और 1–2 जाँच से साफ़ हो जाता है कि वजह शरीर में है, मन में या दोनों में — और उसी हिसाब से इलाज।
पहली मुलाक़ात में क्या होता है?
अच्छी जाँच आसान और निजी होती है — ज़्यादातर पुरुषों में बातचीत, BP और 3–4 ब्लड टेस्ट से वजह साफ़ हो जाती है।
बातचीत
समस्या कब से है, कौन-सी दवाएँ लेते हैं, आदतें और रिश्ते की बात — पूरी तरह निजी।
शारीरिक जाँच
BP, वज़न, कमर का नाप, और ज़रूरत हो तो जननांग व प्रोस्टेट की जाँच।
ब्लड टेस्ट
फ़ास्टिंग शुगर या HbA1c, लिपिड प्रोफ़ाइल, सुबह का टेस्टोस्टेरोन, थायरॉइड, कभी-कभी प्रोलैक्टिन।
पेनाइल डॉप्लर
कुछ ही मामलों में — लिंग में ख़ून के बहाव की अल्ट्रासाउंड जाँच।
दिल की जाँच
जोखिम ज़्यादा हो तो ECG या आगे की कार्डियक जाँच।
टेस्ट के लिए भी डॉक्टर से बात करें
जाँच का मक़सद डराना नहीं, छुपी वजह (जैसे शुगर या टेस्टोस्टेरोन की कमी) पकड़ना है। टेस्ट के लिए भी हमारे डॉक्टर से बात करें — टेस्ट की जानकारी और घर से सैंपल कलेक्शन हम उपलब्ध कराते हैं। घबराने की ज़रूरत नहीं; घर बैठे इलाज के लिए संपर्क करें।
- लिपिड प्रोफ़ाइलकोलेस्ट्रॉल से धमनियों की सेहत का अंदाज़ा।
- टेस्टोस्टेरोनकम हो तो इच्छा और इरेक्शन, दोनों घटते हैं।
- BP की जाँचक्लिनिक में ही, कुछ सेकंड में।
- ब्लड शुगर (FBS / HbA1c)शुगर पता चल जाए तो ED और दिल, दोनों को बचाया जा सकता है।
- थायरॉइड (TSH) / प्रोलैक्टिनइनकी गड़बड़ी दवा से आसानी से ठीक होती है।
गाज़ियाबाद से कब लें ED का परामर्श?
🏥 गाज़ियाबाद से लाजपत नगर 4 क्लिनिक (~24 किमी) आकर मिलें; आने में असमर्थ हों तो ऑनलाइन परामर्श। अपॉइंटमेंट लें →
गाज़ियाबाद से ED के सवाल — सीधे जवाब
“पुरुष रोग विशेषज्ञ डॉक्टर Near me — Ghaziabad”
गाज़ियाबाद से सबसे पास लाजपत नगर 4 क्लिनिक है (~24 किमी), मेट्रो: शहीद स्थल (रेड लाइन)। अपॉइंटमेंट लेकर आएँ; आने में असमर्थ हों तो वीडियो परामर्श।
“Ling me tanav na aane ka ilaj — Ghaziabad”
लिंग में तनाव न आना = ED। गाज़ियाबाद से इलाज: शुगर-हार्मोन जाँच, डॉक्टर की पर्ची से सुरक्षित दवा, काउंसलिंग और जीवनशैली — परामर्श ₹800।
“ED की दवा कौन-सी है?”
दवा आपकी उम्र, दिल, BP और दूसरी दवाएँ देखकर डॉक्टर तय करते हैं। दिल की कुछ दवाओं के साथ ED की दवा ख़तरनाक हो सकती है।
“ED और शीघ्रपतन में फ़र्क़”
ED में लिंग में तनाव नहीं आता या टिकता नहीं; शीघ्रपतन में वीर्य जल्दी निकल जाता है। कई बार दोनों साथ होते हैं। गाज़ियाबाद में शीघ्रपतन का इलाज →
“स्वप्नदोष से कमज़ोरी आती है?”
नाइटफ़ॉल कभी-कभी होना सामान्य है और इससे ED नहीं होता; बहुत ज़्यादा हो तो सलाह लें। नाइटफ़ॉल के इलाज की जानकारी →
“Sexologist in Ghaziabad”
ED के साथ शीघ्रपतन, धात, नाइटफ़ॉल और महिलाओं की यौन समस्याओं के लिए भी परामर्श उपलब्ध है। गाज़ियाबाद में सेक्सोलॉजिस्ट →
वजह जानें, तभी सही इलाज
40 के बाद ED में अक्सर शुगर, BP या कोलेस्ट्रॉल छुपे होते हैं; युवाओं में ज़्यादातर तनाव, डर और जीवनशैली। दोनों का इलाज अलग है।
ED को डॉक्टर ‘दिल की खिड़की’ मानते हैं: पतली होने की वजह से लिंग की नलियाँ सबसे पहले बताती हैं कि ख़ून की नलियों में रुकावट शुरू हो रही है। हाई BP, बढ़ा कोलेस्ट्रॉल, शुगर/प्री-डायबिटीज़, धूम्रपान या तंबाकू और पेट का मोटापा — ये सब इन्हीं नलियों को नुक़सान पहुँचाते हैं। इसलिए हम ED के मरीज़ का BP, शुगर और लिपिड ज़रूर देखते हैं।
शरीर से जुड़ी वजहें
- नलियों की बीमारी (सबसे आम)हाई BP, कोलेस्ट्रॉल, शुगर और धूम्रपान से लिंग की पतली धमनियों में रुकावट — ED की सबसे बड़ी वजह।
- कुछ दवाएँBP की कुछ दवाएँ (बीटा-ब्लॉकर, थायाज़ाइड), डिप्रेशन की SSRI दवाएँ, एंटीसाइकोटिक, लंबे समय की दर्द-निवारक (ओपिऑयड) दवाएँ।
- नींद और खर्राटेकम नींद और स्लीप एपनिया (तेज़ खर्राटे, नींद में साँस रुकना) का ED से गहरा संबंध है; इसका इलाज अक्सर मदद करता है।
- शराब और सिगरेटसिगरेट नलियों की अंदरूनी परत को सीधे नुक़सान पहुँचाती है; रोज़ ज़्यादा शराब टेस्टोस्टेरोन घटाती है और नसें कमज़ोर करती है।
- लंबी साइकिलिंगसख़्त सीट पर घंटों साइकिल चलाने से कुछ लोगों में पेल्विक नसें और नलियाँ दबती हैं।
मन से जुड़ी वजहें
- परफ़ॉर्मेंस का डरएक बार नाकाम होने पर अगली बार का डर — और यही डर उस आराम को रोकता है जो इरेक्शन के लिए ज़रूरी है। यह चक्र असली वजह ख़त्म होने के बाद भी चलता रहता है।
- पोर्न का पैटर्नबहुत ज़्यादा पोर्न देखने वाले कुछ पुरुषों को असली पार्टनर के साथ उत्तेजना में दिक़्क़त होती है — इसे कम करने पर अक्सर सुधार होता है।
- तनाव और डिप्रेशनकाम का दबाव, पैसों की चिंता और उदासी इच्छा व इरेक्शन दोनों घटाते हैं; डिप्रेशन और ED एक-दूसरे को बढ़ाते हैं।
शारीरिक या मानसिक — कुछ आसान संकेत
ख़ासकर युवाओं में मन की भूमिका बड़ी होती है, जबकि 40 के बाद ज़्यादातर शरीर की।
🧠 मन से जुड़े होने के संकेत
- अचानक शुरुआत
- सुबह या हस्तमैथुन के समय इरेक्शन सामान्य
- सिर्फ़ ख़ास हालात या किसी एक पार्टनर के साथ दिक़्क़त
- साफ़ तनाव वाली कोई घटना से शुरुआत
🩺 शरीर से जुड़े होने के संकेत
- महीनों-सालों में धीरे-धीरे शुरुआत
- सुबह का इरेक्शन कम या बंद
- हर हालात में दिक़्क़त
- डायबिटीज़, हाई BP या धूम्रपान का इतिहास
यह सिर्फ़ एक अंदाज़ा है, पक्की पहचान नहीं। ज़्यादातर मामलों में शरीर और मन दोनों की वजहें साथ होती हैं, और इलाज भी दोनों का साथ चलता है।
गाज़ियाबाद में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) का इलाज — आयुर्वेद + एलोपैथी
हम ‘एक गोली सबके लिए’ नहीं देते। जाँच, दवा, काउंसलिंग और जीवनशैली — आपकी वजह और दिल की सेहत देखकर। कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।
मेडिकल इलाज
- डॉक्टर की पर्ची से दवाज़रूरत हो तो सुरक्षित दवा, सही समय और मात्रा के साथ — दिल की दवा (नाइट्रेट) ले रहे हों तो ये दवाएँ ख़तरनाक हो सकती हैं, इसलिए डॉक्टर ही तय करें।
- जड़ का इलाजशुगर, BP, कोलेस्ट्रॉल, थायरॉइड या टेस्टोस्टेरोन की कमी हो, तो उसका इलाज साथ-साथ — तभी फ़ायदा टिकता है।
- काउंसलिंग‘फिर से नहीं हुआ तो?’ — यही डर समस्या बढ़ाता है। काउंसलर इस चक्र को तोड़ने में मदद करते हैं।
आयुर्वेद और जीवनशैली
- आयुर्वेदिक सहायतावाजीकरण जड़ी-बूटियाँ, सात्विक आहार और योग — लंबे फ़ायदे के लिए, एलोपैथी के साथ सुरक्षित तालमेल में।
- जीवनशैली और व्यायामरोज़ 30 मिनट तेज़ चलना, वज़न घटाना, सिगरेट छोड़ना — इरेक्शन पर सीधा असर।
- पेल्विक फ़्लोर व्यायामकेगेल व्यायाम से लिंग के आधार की मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं और तनाव बेहतर टिकता है।

जीवनशैली — इलाज की नींव
कोई भी दवा तभी पूरा असर करती है जब नींव मज़बूत हो — ये आदतें वही नींव हैं।
- शुगर-BP-कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल — दवा समय पर, जाँच नियमित।
- शराब कम करें — टेस्टोस्टेरोन और नसें, दोनों बचती हैं।
- हफ़्ते में 150 मिनट व्यायाम — तेज़ चलना या साइकिल — शोध में इरेक्शन बेहतर हुआ।
- घर का संतुलित खाना — सब्ज़ियाँ, दाल, मछली, मेवे, सरसों/जैतून का तेल; पैकेट वाला खाना कम।
- वज़न घटाएँ — सिर्फ़ 5–10% वज़न कम करना भी मदद करता है।
- 7–8 घंटे की नींद — तेज़ खर्राटे आते हों तो स्लीप एपनिया की जाँच करवाएँ।
- सिगरेट छोड़ें — कुछ महीनों में ही सुधार शुरू हो सकता है।
- तनाव का इलाज — योग, साँस का अभ्यास और ज़रूरत हो तो काउंसलिंग।
दवा: असरदार, पर पर्ची से ही
इरेक्शन की आधुनिक दवाएँ (PDE5 इन्हिबिटर — जैसे सिल्डेनाफ़िल, टाडालाफ़िल, वार्डेनाफ़िल, अवानाफ़िल) उत्तेजना होने पर लिंग में ख़ून का बहाव बढ़ाती हैं और लगभग 60–80% पुरुषों में असर करती हैं। लेकिन ये पर्ची वाली दवाएँ हैं, और इसकी ठोस वजहें हैं:
- एंजाइना की नाइट्रेट दवा के साथ कभी नहीं — BP ख़तरनाक रूप से गिर सकता है।
- ऑनलाइन या बिना लाइसेंस की दुकानों पर नकली गोलियाँ भारत में असली ख़तरा हैं — सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची और रजिस्टर्ड फ़ार्मेसी से लें।
- टाडालाफ़िल देर तक असर करती है और रोज़ कम डोज़ में भी दी जा सकती है — जो पुरुष प्लानिंग के बिना सहज रहना चाहते हैं, उनके लिए।
हार्मोन और काउंसलिंग
हार्मोन का इलाज तभी, जब सुबह के टेस्टोस्टेरोन टेस्ट में कमी साबित हो; बच्चा प्लान कर रहे हों तो यह थेरेपी ख़ुद से कभी न लें। लो टेस्टोस्टेरोन के बारे में पढ़ें →
मन से जुड़े ED में काउंसलिंग और सेक्स थेरेपी असरदार है — अक्सर दवा के साथ। कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) परफ़ॉर्मेंस के डर को घटाती है, और रिश्ते की उलझन हो तो कपल काउंसलिंग मदद करती है।

ध्यान और गहरी साँस
4 सेकंड साँस अंदर, 6 सेकंड बाहर — रोज़ 10 मिनट। घबराहट घटती है, और मन से जुड़े ED में सीधा फ़ायदा।
गाज़ियाबाद से नज़दीकी ED क्लिनिक
गाज़ियाबाद से लाजपत नगर 4 क्लिनिक आने के लिए मेट्रो — शहीद स्थल (रेड लाइन) सबसे आसान है। WhatsApp 7042424269 पर समय तय करके आएँ — इंतज़ार नहीं, भीड़ नहीं।
गाज़ियाबाद से सबसे नज़दीकलाजपत नगर 4 क्लिनिक
लाजपत नगर 4, नई दिल्ली — 110024
🚇 मूलचंद मेट्रो (वायलेट लाइन) से लगभग 100 मीटर
गाज़ियाबाद से लगभग 24 किमी

द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक
सेक्टर 9, द्वारका, नई दिल्ली — 110077
🚇 द्वारका सेक्टर 9 मेट्रो स्टेशन (ब्लू लाइन) के पास
गाज़ियाबाद से लगभग 39 किमी

गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक
DLF 4 गैलेरिया मार्केट, गुरुग्राम — 122009
🚇 DLF फ़ेज़ 4, एमजी रोड/सिकंदरपुर मेट्रो से नज़दीक
गाज़ियाबाद से लगभग 43 किमी
समय: सोम–शनि सुबह 10 – शाम 8 · रविवार: अपॉइंटमेंट पर · ऑनलाइन परामर्श सातों दिन
ED के ये भ्रम सच नहीं हैं
उम्र के साथ जोखिम बढ़ता है, पर 25–35 साल के पुरुषों में भी तनाव, डर और जीवनशैली से ED आम है।
ज़्यादातर मामलों में कोई शारीरिक वजह भी होती है — इसलिए जाँच ज़रूरी।
बाहर से लगाने वाली चीज़ें ख़ून के बहाव या हार्मोन की वजह को ठीक नहीं करतीं।
ज़्यादातर पुरुषों में सही वजह के इलाज, दवा और जीवनशैली से अच्छा सुधार होता है।
वजह ठीक होने पर (जैसे शुगर कंट्रोल, वज़न कम) कई पुरुषों की दवा धीरे-धीरे कम या बंद हो जाती है।
बिना जाँच की गोली से BP गिरना, दिल पर असर जैसे ख़तरे हैं — और असली वजह (जैसे शुगर) छुपी रह जाती है।
रोज़ की आदतें, जो इरेक्शन बेहतर करती हैं
- पार्टनर से खुलकर बात — दबाव कम हो तो इरेक्शन ख़ुद सुधरता है।
- पेट की चर्बी घटाएँ — वज़न 5–10% घटने से भी फ़र्क़ दिखता है।
- शराब सीमित — ज़्यादा शराब तनाव आने नहीं देती।
- 7–8 घंटे की नींद — नींद में ही टेस्टोस्टेरोन बनता है।
- शुगर-BP कंट्रोल — दवा समय पर, जाँच हर 3 महीने।
- सिगरेट और तंबाकू बंद — नलियाँ खुलती हैं, ख़ून का बहाव सुधरता है।

डॉ. युवराज मोंगा
MBBS, MD · फ़ेलोशिप इन डायबिटीज़ (UK) · सेक्सोलॉजिस्ट व डायबेटोलॉजिस्ट · 28+ साल
1946 में अमृतसर से शुरू हुई डॉ. मोंगा परिवार की चिकित्सा विरासत आज लाजपत नगर, द्वारका और गुरुग्राम के क्लिनिकों तक है। डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD, फ़ेलोशिप इन डायबिटीज़ — UK) एलोपैथी और आयुर्वेद को साथ लेकर चलते हैं — ED में यही ‘इंटीग्रेटेड’ तरीका सबसे काम का है।
लिंगदोष (स्तंभन दोष) के विशेषज्ञ के तौर पर डॉ. युवराज मोंगा ‘एक गोली सबके लिए’ नहीं देते — उम्र, दिल की सेहत और दूसरी दवाओं को देखकर ही इलाज तय करते हैं, ताकि फ़ायदा सुरक्षित भी हो और टिकाऊ भी।
एक ही जगह पूरी टीम
आहार विशेषज्ञवज़न, शुगर और खान-पान
एलोपैथिक डॉक्टरजाँच और साक्ष्य-आधारित दवा
काउंसलरपरफ़ॉर्मेंस का डर, तनाव
आयुर्वेदिक डॉक्टरवाजीकरण जड़ी-बूटियाँगाज़ियाबाद से अपॉइंटमेंट तय करें
फ़ॉर्म भरते ही WhatsApp खुलेगा और आपका संदेश तैयार मिलेगा — बस भेजें। टीम आपको क्लिनिक का समय बताएगी; आने में असमर्थ हों तो ऑनलाइन परामर्श।
- घर से सैंपल कलेक्शन
- शुगर-हार्मोन जाँच की सुविधा
- परामर्श ₹800
बटन दबाते ही WhatsApp (70424 24269) खुलेगा — आपका संदेश तैयार मिलेगा, बस भेजें।
गाज़ियाबाद में ED का सही डॉक्टर कैसे चुनें?
विज्ञापन और ‘गारंटी’ के दावों के बजाय ये 4 बातें देखें — चाहे आप हमें चुनें या किसी और को।
डिग्री देखें
MBBS/MD सेक्सोलॉजिस्ट — ‘ख़ानदानी हकीम’ या बिना नाम वाले विज्ञापन नहीं।
फ़ीस पहले से साफ़
हज़ारों के ‘गारंटी पैकेज’ से बचें; परामर्श और दवा का ख़र्च पहले पूछें।
दिल की सेहत का ध्यान
ED की दवा देने से पहले दिल, BP और आपकी दूसरी दवाएँ ज़रूर पूछी जानी चाहिए।
गोपनीयता
पर्ची, वेटिंग रूम और दवा की पैकिंग — सब निजी रहे।
गाज़ियाबाद में लिंगदोष (स्तंभन दोष) विशेषज्ञ डॉक्टर कहाँ मिलेगा?
गाज़ियाबाद से सबसे नज़दीकी डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक का लाजपत नगर 4 क्लिनिक है — लाजपत नगर 4, नई दिल्ली — 110024 (मूलचंद मेट्रो (वायलेट लाइन) से लगभग 100 मीटर), लगभग 24 किमी। यहाँ डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD, 28+ साल) परामर्श देते हैं; फ़ीस ₹800। क्लिनिक आ सकें तो आमने-सामने मिलें, वरना ऑनलाइन परामर्श।
गाज़ियाबाद में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) का इलाज कितने का है?
परामर्श ₹800 है — लाजपत नगर 4 क्लिनिक में या ऑनलाइन। जाँच और दवा का ख़र्च डॉक्टर पहले बता देते हैं; कोई ‘गारंटी पैकेज’ नहीं।
गाज़ियाबाद में ही इलाज क्यों न कराएँ?
आप कहीं भी इलाज करा सकते हैं — बस डॉक्टर की डिग्री और अनुभव देखें। हमारे यहाँ दिल्ली आ सकें तो क्लिनिक, वरना ऑनलाइन परामर्श।
ED की दवा रोज़ ले सकते हैं?
कुछ पुरुषों को डॉक्टर टाडालाफ़िल की रोज़ की कम डोज़ देते हैं, ताकि हर बार प्लान न करना पड़े। यह फ़ैसला आपकी सेहत और दूसरी दवाएँ देखकर डॉक्टर ही करते हैं।
ऑनलाइन मिलने वाली ED की गोलियाँ सुरक्षित हैं?
नहीं। भारत में ऑनलाइन और बिना लाइसेंस की दुकानों पर नकली गोलियाँ आम हैं। दवा सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची और रजिस्टर्ड फ़ार्मेसी से लें — ख़ासकर अगर आप दिल की नाइट्रेट दवा लेते हैं, तो ये गोलियाँ जानलेवा हो सकती हैं।
इलाज की जानकारी गोपनीय रहती है?
हाँ। पर्ची और पैकेट पर बीमारी का नाम नहीं लिखा जाता, और आपकी जानकारी किसी से साझा नहीं होती।
सेक्सोलॉजिस्ट की फ़ीस कितनी है?
परामर्श ₹800 है — क्लिनिक में या ऑनलाइन। जाँच और दवा का ख़र्च पहले बता दिया जाता है।
सुबह इरेक्शन आता है, पर पार्टनर के साथ नहीं — क्यों?
ऐसा ज़्यादातर मन से जुड़े ED में होता है — परफ़ॉर्मेंस का डर या तनाव। काउंसलिंग और सही सलाह से जल्दी सुधार होता है।
गाज़ियाबाद के आसपास ED का इलाज
पास के इलाकों के पेज देखें, या दिल्ली NCR में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) का इलाज की पूरी जानकारी पढ़ें।
गाज़ियाबाद के लिए काम की जानकारी
ED का इलाज है — झिझक छोड़ें
गाज़ियाबाद से क्लिनिक आकर मिलें; आने में असमर्थ हों तो ऑनलाइन परामर्श लें — पूरी गोपनीयता के साथ।