ED का इलाज तुगलकाबाद दवा, काउंसलिंग और जीवनशैली — आयुर्वेद + एलोपैथी
इंटरनेट की ‘ताक़त की गोलियाँ’ या बिना पर्ची की दवा से पहले एक बार डॉक्टर से बात कर लीजिए — ED कई बार दिल या शुगर की छुपी बीमारी का पहला संकेत होता है। तुगलकाबाद के लिए MBBS, MD सेक्सोलॉजिस्ट, पूरी प्राइवेसी के साथ।
🏥 तुगलकाबाद से लाजपत नगर 4 क्लिनिक लगभग 8 किमी है — क्लिनिक आकर डॉक्टर से मिलें। आने में असमर्थ हों, तो घर बैठे ऑनलाइन परामर्श लें।
- आयुर्वेद + एलोपैथी
- परामर्श ₹800
- पूरी तरह गोपनीय परामर्श
सीधा जवाब: तुगलकाबाद में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) का इलाज कहाँ और कैसे?
आम बोलचाल में इसे ‘लिंग में तनाव न आना’, ‘लिंग में कमज़ोरी’ या ‘नपुंसकता’ भी कहते हैं। तुगलकाबाद में ED का इलाज जाँच से शुरू होता है — वजह शरीर में है (शुगर, BP, कोलेस्ट्रॉल, टेस्टोस्टेरोन) या मन में (तनाव, परफ़ॉर्मेंस का डर)। फिर दवा, काउंसलिंग और जीवनशैली में बदलाव। नज़दीकी शाखा लाजपत नगर 4 क्लिनिक (~8 किमी), परामर्श ₹800। पहली सलाह: क्लिनिक आकर आमने-सामने परामर्श लें — आने में असमर्थ हों, तो वीडियो/फ़ोन पर ऑनलाइन परामर्श।
जाँच: डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD) · अपडेट: 27 अक्टूबर 2026
स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction) — आसान भाषा में
इरेक्शन के लिए दिमाग़, नसें, हार्मोन और ख़ून का बहाव — चारों का ठीक काम करना ज़रूरी है। इनमें से किसी एक में भी गड़बड़ी हो तो लिंग में तनाव कम आता है या जल्दी चला जाता है; इसी को स्तंभन दोष (ED) कहते हैं।


इरेक्शन कैसे होता है?
इरेक्शन असल में ‘ख़ून के बहाव’ का खेल है — इसलिए ED को अक्सर दिल और नसों की सेहत का आईना कहा जाता है। 40 के बाद ED हो, तो शुगर और BP की जाँच ज़रूर करवाएँ।
भारत में ED कितना आम है?
ED अब सिर्फ़ उम्र का मामला नहीं रहा। दफ़्तर में घंटों बैठे रहना, धूम्रपान, पेट की चर्बी, अधूरी नींद और रोज़ का तनाव — इन्हीं आदतों से 20 और 30 की उम्र के पुरुषों में भी लिंग में तनाव की कमी आम हो रही है। अच्छी बात यह है कि इसी वजह से कई मामलों में आदतें बदलने भर से भी सुधार आता है।
ED के 4 रूप
हल्का (Mild)
ज़्यादातर बार इरेक्शन ठीक, पर कभी-कभी कमज़ोर — अक्सर तनाव, थकान या नींद की कमी।
मध्यम (Moderate)
आधे मौक़ों पर तनाव नहीं आता या टिकता नहीं — जाँच और इलाज ज़रूरी।
गंभीर (Severe)
लगभग कभी पर्याप्त तनाव नहीं — शुगर, नसों या हार्मोन की बड़ी वजह हो सकती है।
स्थिति-विशेष (Situational)
अकेले/सुबह ठीक, पर पार्टनर के साथ नहीं — ज़्यादातर मन से जुड़ा, काउंसलिंग से सुधार।
वजह जानें, तभी सही इलाज
वजह पहचाने बिना इलाज अंधेरे में तीर है। डॉक्टर पहली बातचीत में ही समझ जाते हैं कि आपकी वजह शरीर से जुड़ी है या मन से।
ED को डॉक्टर ‘दिल की खिड़की’ मानते हैं: पतली होने की वजह से लिंग की नलियाँ सबसे पहले बताती हैं कि ख़ून की नलियों में रुकावट शुरू हो रही है। हाई BP, बढ़ा कोलेस्ट्रॉल, शुगर/प्री-डायबिटीज़, धूम्रपान या तंबाकू और पेट का मोटापा — ये सब इन्हीं नलियों को नुक़सान पहुँचाते हैं। इसलिए हम ED के मरीज़ का BP, शुगर और लिपिड ज़रूर देखते हैं।
- नलियों की बीमारी (सबसे आम)हाई BP, कोलेस्ट्रॉल, शुगर और धूम्रपान से लिंग की पतली धमनियों में रुकावट — ED की सबसे बड़ी वजह।
- नसों से जुड़ी बीमारियाँरीढ़ की चोट, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, पार्किंसन, या प्रोस्टेट/आँत की सर्जरी के बाद नसों का नुक़सान।
- हार्मोनकम टेस्टोस्टेरोन से इच्छा घटती है; थायरॉइड और बढ़ा प्रोलैक्टिन भी असर डालते हैं। लो टेस्टोस्टेरोन की जानकारी →
- कुछ दवाएँBP की कुछ दवाएँ (बीटा-ब्लॉकर, थायाज़ाइड), डिप्रेशन की SSRI दवाएँ, एंटीसाइकोटिक, लंबे समय की दर्द-निवारक (ओपिऑयड) दवाएँ।
- जिम के स्टेरॉयडबॉडी बनाने के लिए लिए गए एनाबॉलिक स्टेरॉयड अंडकोष का काम ठप कर देते हैं — युवाओं में ED की बड़ी वजह।
- नींद और खर्राटेकम नींद और स्लीप एपनिया (तेज़ खर्राटे, नींद में साँस रुकना) का ED से गहरा संबंध है; इसका इलाज अक्सर मदद करता है।
- डायबिटीज़शुगर नलियों और इरेक्शन की नसों, दोनों को नुक़सान पहुँचाती है; अच्छा शुगर कंट्रोल इसे धीमा या कुछ हद तक ठीक कर सकता है। डायबिटीज़ का इलाज →
- पोर्न का पैटर्नबहुत ज़्यादा पोर्न देखने वाले कुछ पुरुषों को असली पार्टनर के साथ उत्तेजना में दिक़्क़त होती है — इसे कम करने पर अक्सर सुधार होता है।
- रिश्ते की उलझनअनसुलझे झगड़े, बातचीत की कमी या नज़दीकी की कमी भी असर डालती है।

शारीरिक या मानसिक — कुछ आसान संकेत
ख़ासकर युवाओं में मन की भूमिका बड़ी होती है, जबकि 40 के बाद ज़्यादातर शरीर की।
🧠 मन से जुड़े होने के संकेत
- अचानक शुरुआत
- सुबह या हस्तमैथुन के समय इरेक्शन सामान्य
- सिर्फ़ ख़ास हालात या किसी एक पार्टनर के साथ दिक़्क़त
- साफ़ तनाव वाली कोई घटना से शुरुआत
🩺 शरीर से जुड़े होने के संकेत
- महीनों-सालों में धीरे-धीरे शुरुआत
- सुबह का इरेक्शन कम या बंद
- हर हालात में दिक़्क़त
- डायबिटीज़, हाई BP या धूम्रपान का इतिहास
यह सिर्फ़ एक अंदाज़ा है, पक्की पहचान नहीं। ज़्यादातर मामलों में शरीर और मन दोनों की वजहें साथ होती हैं, और इलाज भी दोनों का साथ चलता है।
तुगलकाबाद और आसपास से गोपनीय इलाज
तुगलकाबाद किले के पास रेलवे कॉलोनी, गाँव और ओखला की फ़ैक्टरियों में काम करने वाले बहुत लोग रहते हैं।
शिफ़्ट, थकान, तंबाकू और नींद की कमी — फ़ैक्टरी में काम करने वालों में ED की ये आम वजहें हैं। छुट्टी के दिन एक बार क्लिनिक आएँ, बाकी फ़ॉलो-अप फ़ोन पर।
तुगलकाबाद या तुगलकाबाद किला, गोविंदपुरी — कहीं से भी लाजपत नगर 4 क्लिनिक पहुँचना आसान है; आने में असमर्थ हों, तो वीडियो पर परामर्श और दवा घर तक।
- तुगलकाबाद किला
- गोविंदपुरी
- ओखला
तुगलकाबाद — एक नज़र में
- इलाका
- तुगलकाबाद (Tughlakabad)
- ज़िला
- दक्षिण-पूर्व दिल्ली, दिल्ली
- नज़दीकी क्लिनिक
- लाजपत नगर 4 क्लिनिक (~8 किमी)
- मेट्रो/रास्ता
- तुगलकाबाद (वायलेट लाइन)
- समय
- सोम–शनि 10–8, रविवार अपॉइंटमेंट पर
सेल्फ़-चेक: डॉक्टर से कब मिलें?
जो बातें आप पर लागू हों, उन पर टैप करें। यह कोई जाँच नहीं, बस खुद को समझने का तरीका है — जवाब कहीं सेव नहीं होता।
3 या ज़्यादा “हाँ”? झिझक छोड़ें।
डॉक्टर से 15 मिनट की बातचीत और 1–2 जाँच से साफ़ हो जाता है कि वजह शरीर में है, मन में या दोनों में — और उसी हिसाब से इलाज।
तुगलकाबाद से ED के सवाल — सीधे जवाब
“पुरुष रोग विशेषज्ञ डॉक्टर Near me — Tughlakabad”
तुगलकाबाद से सबसे पास लाजपत नगर 4 क्लिनिक है (~8 किमी), मेट्रो: तुगलकाबाद (वायलेट लाइन)। अपॉइंटमेंट लेकर आएँ; आने में असमर्थ हों तो वीडियो परामर्श।
“इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) का इलाज क्या है?”
वजह के हिसाब से — दवा, काउंसलिंग, जीवनशैली और जड़ की बीमारी (शुगर, BP, हार्मोन) का इलाज। ख़ुद से ‘ताक़त की गोली’ न लें।
“स्वप्नदोष से कमज़ोरी आती है?”
नाइटफ़ॉल कभी-कभी होना सामान्य है और इससे ED नहीं होता; बहुत ज़्यादा हो तो सलाह लें। तुगलकाबाद में नाइटफ़ॉल का इलाज →
“स्तंभन दोष का आयुर्वेदिक इलाज”
अश्वगंधा, शिलाजीत, सफ़ेद मूसली, गोक्षुर जैसी जड़ी-बूटियाँ ताक़त और तनाव में मदद करती हैं — सही मात्रा डॉक्टर बताते हैं।
“ED और शीघ्रपतन में फ़र्क़”
ED में लिंग में तनाव नहीं आता या टिकता नहीं; शीघ्रपतन में वीर्य जल्दी निकल जाता है। कई बार दोनों साथ होते हैं। तुगलकाबाद में शीघ्रपतन का इलाज →
“ED treatment cost in Delhi”
सेक्सोलॉजिस्ट परामर्श ₹800 है (क्लिनिक या ऑनलाइन)। जाँच और दवा का ख़र्च पहले बता दिया जाता है — कोई ‘पैकेज’ नहीं।
तुगलकाबाद में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) का इलाज — आयुर्वेद + एलोपैथी
हम ‘एक गोली सबके लिए’ नहीं देते। जाँच, दवा, काउंसलिंग और जीवनशैली — आपकी वजह और दिल की सेहत देखकर। कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।
आयुर्वेदिक सहायता
अश्वगंधा, शिलाजीत, सफ़ेद मूसली, गोक्षुर — ताक़त और तनाव के लिए, डॉक्टर की सलाह से सही मात्रा में।
जड़ का इलाज
अगर ED के पीछे छुपी शुगर या हार्मोन की कमी है, तो पहले उसे कंट्रोल किया जाता है — कई बार इतने से ही सुधार आ जाता है।
जीवनशैली और व्यायाम
रोज़ 30 मिनट तेज़ चलना, वज़न घटाना, सिगरेट छोड़ना — इरेक्शन पर सीधा असर।
काउंसलिंग
‘फिर से नहीं हुआ तो?’ — यही डर समस्या बढ़ाता है। काउंसलर इस चक्र को तोड़ने में मदद करते हैं।
पेल्विक फ़्लोर व्यायाम
दिन में 2–3 बार 10-10 बार कसना-छोड़ना — बिना किसी उपकरण के, घर पर।
पहला कदम: आदतें, जो सच में फ़र्क़ डालती हैं
कोई भी दवा तभी पूरा असर करती है जब नींव मज़बूत हो — ये आदतें वही नींव हैं।
- हफ़्ते में 150 मिनट व्यायाम — तेज़ चलना या साइकिल — शोध में इरेक्शन बेहतर हुआ।
- तनाव का इलाज — योग, साँस का अभ्यास और ज़रूरत हो तो काउंसलिंग।
- वज़न घटाएँ — सिर्फ़ 5–10% वज़न कम करना भी मदद करता है।
- घर का संतुलित खाना — सब्ज़ियाँ, दाल, मछली, मेवे, सरसों/जैतून का तेल; पैकेट वाला खाना कम।
- 7–8 घंटे की नींद — तेज़ खर्राटे आते हों तो स्लीप एपनिया की जाँच करवाएँ।
- शराब कम करें — टेस्टोस्टेरोन और नसें, दोनों बचती हैं।
ED की दवा — ज़रूरी सावधानियाँ
इरेक्शन की आधुनिक दवाएँ (PDE5 इन्हिबिटर — जैसे सिल्डेनाफ़िल, टाडालाफ़िल, वार्डेनाफ़िल, अवानाफ़िल) उत्तेजना होने पर लिंग में ख़ून का बहाव बढ़ाती हैं और लगभग 60–80% पुरुषों में असर करती हैं। लेकिन ये पर्ची वाली दवाएँ हैं, और इसकी ठोस वजहें हैं:
- एंजाइना की नाइट्रेट दवा के साथ कभी नहीं — BP ख़तरनाक रूप से गिर सकता है।
- ऑनलाइन या बिना लाइसेंस की दुकानों पर नकली गोलियाँ भारत में असली ख़तरा हैं — सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची और रजिस्टर्ड फ़ार्मेसी से लें।
- टाडालाफ़िल देर तक असर करती है और रोज़ कम डोज़ में भी दी जा सकती है — जो पुरुष प्लानिंग के बिना सहज रहना चाहते हैं, उनके लिए।
- गंभीर दिल की बीमारी, लो BP या आँख की कुछ बीमारियों में सावधानी ज़रूरी।
हार्मोन और काउंसलिंग
हार्मोन का इलाज तभी, जब सुबह के टेस्टोस्टेरोन टेस्ट में कमी साबित हो; बच्चा प्लान कर रहे हों तो यह थेरेपी ख़ुद से कभी न लें। लो टेस्टोस्टेरोन के बारे में पढ़ें →
मन से जुड़े ED में काउंसलिंग और सेक्स थेरेपी असरदार है — अक्सर दवा के साथ। कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) परफ़ॉर्मेंस के डर को घटाती है, और रिश्ते की उलझन हो तो कपल काउंसलिंग मदद करती है।

रोज़ 30 मिनट तेज़ चलना
ख़ून का बहाव बढ़ाने का सबसे सस्ता तरीका — शोध बताते हैं कि नियमित एरोबिक व्यायाम से ED में साफ़ सुधार होता है।

डॉ. युवराज मोंगा
MBBS, MD · फ़ेलोशिप इन डायबिटीज़ (UK) · सेक्सोलॉजिस्ट व डायबेटोलॉजिस्ट · 28+ साल
1946 में अमृतसर से शुरू हुई डॉ. मोंगा परिवार की चिकित्सा विरासत आज लाजपत नगर, द्वारका और गुरुग्राम के क्लिनिकों तक है। डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD, फ़ेलोशिप इन डायबिटीज़ — UK) एलोपैथी और आयुर्वेद को साथ लेकर चलते हैं — ED में यही ‘इंटीग्रेटेड’ तरीका सबसे काम का है।
डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD) 28+ साल से पुरुषों की यौन समस्याओं का इलाज कर रहे हैं। ED में वे पहले वजह समझते हैं — शुगर, BP, हार्मोन या मन का डर — फिर दवा, काउंसलिंग और आयुर्वेद-एलोपैथी के सही मेल से इलाज करते हैं।
एक ही जगह पूरी टीम
आहार विशेषज्ञवज़न, शुगर और खान-पान
काउंसलरपरफ़ॉर्मेंस का डर, तनाव
एलोपैथिक डॉक्टरजाँच और साक्ष्य-आधारित दवा
आयुर्वेदिक डॉक्टरवाजीकरण जड़ी-बूटियाँ
पहली मुलाक़ात में क्या होता है?
अच्छी जाँच आसान और निजी होती है — ज़्यादातर पुरुषों में बातचीत, BP और 3–4 ब्लड टेस्ट से वजह साफ़ हो जाती है।
बातचीत
समस्या कब से है, कौन-सी दवाएँ लेते हैं, आदतें और रिश्ते की बात — पूरी तरह निजी।
शारीरिक जाँच
BP, वज़न, कमर का नाप, और ज़रूरत हो तो जननांग व प्रोस्टेट की जाँच।
ब्लड टेस्ट
फ़ास्टिंग शुगर या HbA1c, लिपिड प्रोफ़ाइल, सुबह का टेस्टोस्टेरोन, थायरॉइड, कभी-कभी प्रोलैक्टिन।
दिल की जाँच
जोखिम ज़्यादा हो तो ECG या आगे की कार्डियक जाँच।
घर बैठे जाँच — सैंपल घर से
ज़्यादातर बार 2–3 साधारण ब्लड टेस्ट काफ़ी होते हैं, और वो भी तभी जब डॉक्टर ज़रूरी समझें। टेस्ट के लिए भी हमारे डॉक्टर से बात करें — टेस्ट की जानकारी और घर से सैंपल कलेक्शन हम उपलब्ध कराते हैं। घबराने की ज़रूरत नहीं; घर बैठे इलाज के लिए संपर्क करें।
- थायरॉइड (TSH) / प्रोलैक्टिनइनकी गड़बड़ी दवा से आसानी से ठीक होती है।
- ब्लड शुगर (FBS / HbA1c)शुगर पता चल जाए तो ED और दिल, दोनों को बचाया जा सकता है।
- BP की जाँचहाई BP ख़ून के बहाव को कम करता है।
- टेस्टोस्टेरोनसुबह का सैंपल सबसे सही — थकान और कम इच्छा की वजह भी यही हो सकती है।
- लिपिड प्रोफ़ाइलख़ून की नलियों में रुकावट का शुरुआती संकेत।
तुगलकाबाद से कब लें ED का परामर्श?
🏥 तुगलकाबाद से लाजपत नगर 4 क्लिनिक (~8 किमी) आकर मिलें; आने में असमर्थ हों तो ऑनलाइन परामर्श। अपॉइंटमेंट लें →
दोस्तों और विज्ञापनों की बातें — सच क्या है?
उम्र के साथ जोखिम बढ़ता है, पर 25–35 साल के पुरुषों में भी तनाव, डर और जीवनशैली से ED आम है।
बाहर से लगाने वाली चीज़ें ख़ून के बहाव या हार्मोन की वजह को ठीक नहीं करतीं।
सामान्य हस्तमैथुन से ED नहीं होता। अपराध-बोध और डर ज़रूर असर डाल सकते हैं।
ज़्यादातर पुरुषों में सही वजह के इलाज, दवा और जीवनशैली से अच्छा सुधार होता है।
रोज़ की आदतें, जो इरेक्शन बेहतर करती हैं
- हरी सब्ज़ियाँ, फल, मेवे — चुकंदर, अनार, अखरोट, पालक — नलियों के लिए अच्छे।
- सिगरेट और तंबाकू बंद — नलियाँ खुलती हैं, ख़ून का बहाव सुधरता है।
- पेट की चर्बी घटाएँ — वज़न 5–10% घटने से भी फ़र्क़ दिखता है।
- 7–8 घंटे की नींद — नींद में ही टेस्टोस्टेरोन बनता है।
- पार्टनर से खुलकर बात — दबाव कम हो तो इरेक्शन ख़ुद सुधरता है।
- शुगर-BP कंट्रोल — दवा समय पर, जाँच हर 3 महीने।
तुगलकाबाद से नज़दीकी ED क्लिनिक
तुगलकाबाद से लाजपत नगर 4 क्लिनिक आने के लिए मेट्रो — तुगलकाबाद (वायलेट लाइन) सबसे आसान है। WhatsApp 7042424269 पर समय तय करके आएँ — इंतज़ार नहीं, भीड़ नहीं।
तुगलकाबाद से सबसे नज़दीकलाजपत नगर 4 क्लिनिक
लाजपत नगर 4, नई दिल्ली — 110024
🚇 मूलचंद मेट्रो (वायलेट लाइन) से लगभग 100 मीटर
तुगलकाबाद से लगभग 8 किमी

गुरुग्राम गैलेरिया क्लिनिक
DLF 4 गैलेरिया मार्केट, गुरुग्राम — 122009
🚇 DLF फ़ेज़ 4, एमजी रोड/सिकंदरपुर मेट्रो से नज़दीक
तुगलकाबाद से लगभग 19 किमी

द्वारका सेक्टर 9 क्लिनिक
सेक्टर 9, द्वारका, नई दिल्ली — 110077
🚇 द्वारका सेक्टर 9 मेट्रो स्टेशन (ब्लू लाइन) के पास
तुगलकाबाद से लगभग 22 किमी
समय: सोम–शनि सुबह 10 – शाम 8 · रविवार: अपॉइंटमेंट पर · ऑनलाइन परामर्श सातों दिन
तुगलकाबाद से ED पर गोपनीय सलाह लें
नाम, नंबर और समस्या — बस इतना। संदेश सीधे क्लिनिक के WhatsApp (70424 24269) पर जाता है।
- दवा की गोपनीय होम डिलीवरी
- परामर्श ₹800
- MBBS, MD सेक्सोलॉजिस्ट
बटन दबाते ही WhatsApp (70424 24269) खुलेगा — आपका संदेश तैयार मिलेगा, बस भेजें।
तुगलकाबाद में ED का सही डॉक्टर कैसे चुनें?
विज्ञापन और ‘गारंटी’ के दावों के बजाय ये 4 बातें देखें — चाहे आप हमें चुनें या किसी और को।
जाँच के बाद इलाज
शुगर, BP, हार्मोन की जाँच के बिना सीधी ‘ताक़त की दवा’ सही तरीका नहीं।
दिल की सेहत का ध्यान
ED की दवा देने से पहले दिल, BP और आपकी दूसरी दवाएँ ज़रूर पूछी जानी चाहिए।
फ़ीस पहले से साफ़
हज़ारों के ‘गारंटी पैकेज’ से बचें; परामर्श और दवा का ख़र्च पहले पूछें।
गोपनीयता
पर्ची, वेटिंग रूम और दवा की पैकिंग — सब निजी रहे।
तुगलकाबाद से पूछे जाने वाले सवाल
जो सवाल लोग झिझक के कारण नहीं पूछ पाते, उनके जवाब यहाँ हैं।
अपना सवाल पूछेंतुगलकाबाद में लिंगदोष (स्तंभन दोष) विशेषज्ञ डॉक्टर कहाँ मिलेगा?
तुगलकाबाद से सबसे नज़दीकी डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक का लाजपत नगर 4 क्लिनिक है — लाजपत नगर 4, नई दिल्ली — 110024 (मूलचंद मेट्रो (वायलेट लाइन) से लगभग 100 मीटर), लगभग 8 किमी। यहाँ डॉ. युवराज मोंगा (MBBS, MD, 28+ साल) परामर्श देते हैं; फ़ीस ₹800। क्लिनिक आ सकें तो आमने-सामने मिलें, वरना ऑनलाइन परामर्श।
Ling me tanav na aane ka ilaj kaise hota hai?
पहले वजह की जाँच — शरीर (शुगर, BP, कोलेस्ट्रॉल, टेस्टोस्टेरोन) या मन (तनाव, डर)। फिर दवा, काउंसलिंग और आयुर्वेद/एलोपैथी का सही मेल। तुगलकाबाद के मरीज़ क्लिनिक आएँ या ऑनलाइन परामर्श लें।
शिफ़्ट में काम करता हूँ, छुट्टी नहीं मिलती — क्या करूँ?
छुट्टी वाले दिन एक बार क्लिनिक आएँ; फ़ॉलो-अप फ़ोन पर किसी भी शिफ़्ट के हिसाब से हो जाते हैं।
क्या जिम के स्टेरॉयड से ED होता है?
हाँ। एनाबॉलिक स्टेरॉयड अंडकोष का अपना टेस्टोस्टेरोन बनाना बंद कर देते हैं — युवाओं में ED और बांझपन की बड़ी वजह। बंद करने के बाद इलाज डॉक्टर की निगरानी में करवाएँ।
क्या खर्राटों का ED से संबंध है?
हाँ। स्लीप एपनिया (तेज़ खर्राटे, नींद में साँस रुकना) का ED से गहरा संबंध है, और इसका इलाज करने से अक्सर इरेक्शन भी सुधरता है।
क्या टेस्टोस्टेरोन का इंजेक्शन ED का इलाज है?
सिर्फ़ तभी, जब जाँच में टेस्टोस्टेरोन कम निकले। बच्चा प्लान कर रहे हों तो यह थेरेपी विशेषज्ञ की सलाह के बिना न लें, क्योंकि यह स्पर्म बनना कम कर सकती है।
ED की दवा ख़ुद से ले सकते हैं?
नहीं। दिल की दवा (नाइट्रेट), कम BP या दूसरी बीमारियों में ये दवाएँ ख़तरनाक हो सकती हैं। मात्रा और सही दवा डॉक्टर ही तय करें।
क्या ऑनलाइन इलाज हो सकता है?
हाँ। क्लिनिक आ सकें तो आमने-सामने मिलना बेहतर है; आने में असमर्थ हों तो वीडियो/फ़ोन पर परामर्श, सैंपल घर से और दवा घर तक।
क्या आयुर्वेदिक इलाज असरदार है?
आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ ताक़त और तनाव में मदद करती हैं। हम ज़रूरत के हिसाब से आयुर्वेद और एलोपैथी को मिलाकर इलाज करते हैं।
तुगलकाबाद के आसपास ED का इलाज
पास के इलाकों के पेज देखें, या दिल्ली NCR में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) का इलाज की पूरी जानकारी पढ़ें।
तुगलकाबाद के लिए काम की जानकारी
ED का इलाज है — झिझक छोड़ें
तुगलकाबाद से क्लिनिक आकर मिलें; आने में असमर्थ हों तो ऑनलाइन परामर्श लें — पूरी गोपनीयता के साथ।